आजमगढ़ में मुठभेड़: 22 मुकदमों का आरोपी पशु चोर गिरफ्तार, पैर में लगी गोली; सात थानों की पुलिस ढूंढ रही थी
आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान अंतरजनपदीय पशु चोर गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर तीन भैंस, एक बकरी, अवैध तमंचा, कारतूस और चोरी में प्रयुक्त पिकअप बरामद की। आरोपी पर सात जिलों में 22 मुकदमे दर्ज हैं। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
विस्तार
सरायमीर थाना क्षेत्र में पशु चोरी की कई घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान अंतरजनपदीय पशु चोर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लगी। घायल को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। उसकी पहचान अहरौला थाना क्षेत्र के सोफीगढ़ निवासी दिलशाद उर्फ दिलशान (33) पुत्र सगीर उर्फ बादशाह के रूप में हुई है।
पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की तीन भैंस और एक बकरी, .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल पिकअप भी बरामद हुई है। पहचान छिपाने के लिए पिकअप पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। उस पर यूपी 62 बीवाई 4388 अंकित था, जबकि वास्तविक नंबर यूपी 62 बीटी 4388 है।
थाना प्रभारी भुवनेश कुमार चौबे ने बताया कि सरायमीर क्षेत्र के नरदह चक गांव निवासी रोहित चौहान की भैंस एक नवंबर की रात चोरी हुई थी। इस मामले में तीन नवंबर को मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके अलावा दीदारगंज के आदममऊ और अहरौला के बनकट गांव से भी भैंस और बकरी चोरी हुई थी। बरदह क्षेत्र में भी पशु चोरी की घटना हुई थी।
पुलिस पर चलाई थी गोली
उन्होंने बताया कि एसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सात और आठ नवंबर की मध्यरात्रि सरायमीर पुलिस क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पशु चोर पिकअप में चोरी के पशु लादकर सिकरौर और मार्टिनगंज के रास्ते जौनपुर के मड़ियाहूं पशु बाजार की ओर जा रहे हैं।
पुलिस ने ग्राम नोनारी के पास संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया तो चालक बैरियर तोड़कर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए कौरागहनी नहर के पास घेराबंदी की। बदमाश घंगवल मार्ग की ओर भागे, लेकिन करीब 200 मीटर आगे पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस दौरान एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस ने सुबह करीब 6:10 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथियों दिलशाद उर्फ करिया उर्फ कोट्टा निवासी मेहियापार और सलमान निवासी सोफीगढ़ समेत अन्य लोगों के साथ पशु चोरी करता था। गिरोह के सदस्य व्यापारी बनकर गांवों में घूमते और बाहर बंधे पशुओं की रेकी करते थे। इसके बाद रात में पिकअप से पशुओं को चोरी कर लेते थे। पहचान छिपाने के लिए वाहन की नंबर प्लेट बदल देते थे और पशुओं को दूर-दराज के बाजारों में बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।
22 केस दर्ज हैं
अभियुक्त ने नरदह चक, आदममऊ और बनकट के अलावा बरदह क्षेत्र में भी पशु चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, बरामद पशुओं की पीड़ितों ने पहचान कर ली है।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आजमगढ़ समेत अंबेडकरनगर, जौनपुर, सुल्तानपुर, वाराणसी, मऊ और संतकबीरनगर में पशु चोरी, गोवध, गैंगस्टर एक्ट, लूट, डकैती, धोखाधड़ी और अवैध असलहे से संबंधित कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने दर्ज मुकदमे में फायरिंग, अवैध असलहे और परिवर्तित नंबर प्लेट के इस्तेमाल से संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार दूसरे बदमाश और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।