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शहर में 50 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जल्द
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वाराणसी। नगर में कुल 50 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा। इसके लिए शनिवार को नगर आयुक्त कार्यालय में वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड, सीएंडडीएस और वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के मध्य त्रि-पक्षीय अनुबंध हुआ। संचालन के पूर्व यहां मिर्जामुराद में वर्कशॉप और चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
केन्द्र सरकार की ‘फेम इंडिया स्कीम-टू’ के तहत वाराणसी में 50 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। यहां इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए केन्द्र सरकार से 45 लाख रुपये प्रति बस की दर से राज्य सरकार को अनुदान दिया जाएगा। पीपीपी मोड पर इसे संचालित करने के लिए ‘पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सल्यूशन’ नाम की फर्म का चयन किया गया है। इसके निर्माण के लिए फंडिंग की जाएगी। सीएंडडीएस इसका निर्माण कराएगा। वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड इसका संचालन करेगा।
नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि बदलते वक्त में पर्यावरण प्रदूषण और ऊर्जा के सीमित संसाधनों को देखते हुए वैकल्पिक और अक्षय ऊर्जा के स्रोतों की जरूरत है। इसलिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है। इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के लिए बहुत बेहतर हैं। इसका मेंटिनेंस का खर्चा भी बहुत कम है।
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तीन रुपये प्रति किलो मीटर आता है खर्च
इलेक्ट्रिक बस आठ किलोवाट प्रति किलोमीटर के हिसाब से चलती हैं। इस तरह प्रति किलोमीटर दर तीन रुपये है, जबकि डीजल से चलने वाली बसों का खर्च प्रति किलोमीटर 19 रुपये आता है।
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केन्द्र सरकार की ‘फेम इंडिया स्कीम-टू’ के तहत वाराणसी में 50 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। यहां इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए केन्द्र सरकार से 45 लाख रुपये प्रति बस की दर से राज्य सरकार को अनुदान दिया जाएगा। पीपीपी मोड पर इसे संचालित करने के लिए ‘पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सल्यूशन’ नाम की फर्म का चयन किया गया है। इसके निर्माण के लिए फंडिंग की जाएगी। सीएंडडीएस इसका निर्माण कराएगा। वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड इसका संचालन करेगा।
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नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि बदलते वक्त में पर्यावरण प्रदूषण और ऊर्जा के सीमित संसाधनों को देखते हुए वैकल्पिक और अक्षय ऊर्जा के स्रोतों की जरूरत है। इसलिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है। इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के लिए बहुत बेहतर हैं। इसका मेंटिनेंस का खर्चा भी बहुत कम है।
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तीन रुपये प्रति किलो मीटर आता है खर्च
इलेक्ट्रिक बस आठ किलोवाट प्रति किलोमीटर के हिसाब से चलती हैं। इस तरह प्रति किलोमीटर दर तीन रुपये है, जबकि डीजल से चलने वाली बसों का खर्च प्रति किलोमीटर 19 रुपये आता है।