वाराणसी में ई-बसों का शुभारंभ: पीएम के आगमन से पूर्व काशीवासियों को मिली बड़ी सौगात, प्रभारी मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
वाराणसी में गुरुवार से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो गया। तीन रूटों पर बसों को संचालित किया जा रहा है। बसों के किराए का भी निर्धारण हो गया है।
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प्रदेश के नगर विकास मंत्री व जनपद के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने शनिवार दोपहर दो बजे नगर निगम स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से 25 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके बाद बसें अपने-अपने निर्धारित मार्ग के लिए निकल गई। इस दौरान मंत्री सहित वहां मौजूद अन्य मंत्रियों, महापौर व विधायकों ने बस में कुछ दूर सफर भी किया।
दरअसल, शहर में कुल 50 बसों का संचालन किया जाना है। जिसमें पहले चरण में 25 बसें ही आ सकी। शनिवार से इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू भी कर दी गई। जिनका तय तीन रूटों पर संचालन हुआ। सफर के दौरान यात्रियों ने बस की जमकर तारीफ की और सुविधाओं का उपयोग किया। हालांकि कुछ स्थानों पर बस बीच सड़क पर ही जाकर बंद हो गई और जाम भी लग गया।
इस पर ड्यूटी ऑपरेटर धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कुछ सिगरा में एक चालक की गड़गड़ी के चलते बस बंद हो गई थी। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर मृदुला जायसवाल, भाजपा एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक सुरेंद्र सिंह, विधायक अवधेश सिंह, रोडवेज क्षेत्रीय प्रबंधक व वीसीटीएसएल के प्रबंध निदेशक कमलाकांत तिवारी, मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इलेक्ट्रिक बसों का निर्धारित किराया
किलोमीटर किराया
0-3 10 रुपये
3-6 15 रुपये
6-10 20 रुपये
10-14 25 रुपये
14-19 30 रुपये
19-24 35 रुपये
24-30 40 रुपये
30-36 45 रुपये
36-42 50 रुपये
24 बसों का संचालन
शहर में कुल 25 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। इसमें पहले 24 बसों को चलाया जा रहा है। प्रत्येक बस के लिए दो चालकों को नियुक्त किया गया है। 24 बसों के परिचालन के लिए 48 चालकों की नियुक्ति कर की गई। इन्हें बस के संचालन के लिए अभ्यास भी कराया गया है।
सभी बसें हुई पंजीकृत
शहर में पहले आई 11 बसों का वाराणसी और लखनऊ से आई 14 बसों का लखनऊ में ही पंजीकरण कराकर वाराणसी भेजा गया। जिसके साथ ही इनमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाए।
इन तीन रूटों का किया गया निर्धारण
पहले रूट में मिर्जामुराद वाया कैंट से होते हुए बाबतुपर तक चलेगी, दूसरे रूट में बस मिर्जामुराद से वाया जंसा होते हुए कैंट पहुंचेगी, यहां से राजघाट और फिर दोबारा कैंट आकर लंका जाएगी। तीसरे रूट में बस मिर्जामुराद से कैंट वाया अखरी डीएलडब्ल्यू होते हुए मुनारी (सारनाथ) तक संचालित होगी। रात में सभी बसें मिर्जामुराद टर्मिनेट कर दी जाएंगी।