फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Education Admission PhD seats in UP College Professor get 8 reserve scholars Know special thing

Education : UP कॉलेज में PhD की 200 सीटों पर प्रवेश, प्रोफेसर को मिलेंगे 8 रिसर्च स्काॅलर; जानें खास

Wed, 11 Dec 2024 07:14 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 11 Dec 2024 07:14 PM IST
सार

Varanasi News : यूपी काॅलेज में अब पीएचडी की सीटों को लेकर छात्र-छात्राओं में राहत महसूस की जा रही है। यूपी कॉलेज प्रबंधन शैक्षिक सत्र 2024-25 से 2032-33 तक पीएचडी में प्रवेश ले सकेगा। 

विज्ञापन
Education Admission PhD seats in UP College Professor get 8 reserve scholars Know special thing
यूपी कॉलेज में प्रवेश की तैयारियां शुरू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीएचडी की मान्यता मिलने के बाद यूपी कॉलेज में प्रवेश की तैयारियां शुरू हो गई हैं। करीब 200 सीटों पर प्रवेश लिया जा सकेगा। जनवरी 2025 में एक कमेटी गठित कर दी जाएगी, जो सीटों का विवरण तैयार करेगी। साथ ही रोस्टर, पीएचडी कराने वाली फैकल्टी का भी चयन करेगी। 

विज्ञापन


सेल्फ फाइनेंस कोर्स के शिक्षक, अनुबंध और नॉन पीएचडी फैकल्टी को पीएचडी कराने की अनुमति नहीं मिलेगी। यूजीसी के नियमों के मुताबिक, यूपी कॉलेज में एक प्रोफेसर को 8 रिसर्च स्कॉलर मिलेंगे। प्रोफेसर की देखरेख में ही स्कॉलर शोध करेंगे। इसी तरह एसोसिएट प्रोफेसर को 6 और असिस्टेंट प्रोफेसर को 4 रिसर्च स्कॉलर मिलेंगे। यूपी कॉलेज प्रबंधन शैक्षिक सत्र 2024-25 से 2032-33 तक पीएचडी में प्रवेश ले सकेगा। 
विज्ञापन


इस सिलसिले में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने सोमवार को अधिसूचना जारी की और संबद्ध यूपी कॉलेज को पीएचडी की मान्यता से जुड़ी जानकारी दी। प्रिंसिपल प्रो. डीके सिंह ने कहा कि जो शिक्षक पहले से शोध सुपरवाइजर हैं, उनका ब्योरा भी तैयार होगा। सबको निर्धारित रिसर्च स्कॉलर ही मिलेंगे। पहले से पंजीकृत स्कॉलर भी निर्धारित सीट का हिस्सा माने जाएंगे। उनकी गणना पंजीकृत स्कॉलर के रूप में होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रो. सिंह ने बताया कि यूपी कॉलेज की सभी पांचों फैकल्टी में शोध की सुविधा है। अभी तक काशी विद्यापीठ शोध सुपरवाइजर नामित करता था। यह काम अब महाविद्यालय स्तर से होगा। हिंदी, प्राचीन इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाज शास्त्र, वाणिज्य, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, पशुपालन और कृषि विज्ञान के शिक्षक पीएचडी करा चुके हैं।

बीएचयू की पीएचडी बुलेटिन तैयार, सप्ताह भर बाद शुरू होगा प्रवेश
बीएचयू में पीएचडी एडमिशन की प्रक्रिया दीक्षांत समारोह के खत्म होने के एक से दो दिन के अंदर शुरू हो जाएगी। डेटा को पोर्टल पर लाइव कर दिया जाएगा। एप्लीकेशन खुल जाएगा और डिटेल भरते ही स्कोर अपने आप दिखने लगेगा। परीक्षा नियंता कार्यालय ने पूरा प्रॉस्पेक्टस तैयार कर लिया है। 

उधर, यूजीसी की ओर से नेट-जेआरएफ का फॉर्म भरने की तारीख एक दिन बढ़ा दी गई है। 19 जनवरी तक परीक्षा होगी। ऐसे में जो नये अभ्यर्थी होंगे, वे भी इसी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने की मांग करेंगे। बीएचयू बिना देरी किए अब 17 दिसंबर के आसपास पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करा सकता है। 

छात्रों की मांग थी कि जितने भी अभ्यर्थी अर्हता पूरी कर रहे हैं, उन सभी को पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में मौका मिलना चाहिए। इसी को लेकर बीएचयू और छात्रों में ठनी थी। फिलहाल, छात्रों का कहना है कि इस मसले को सुलझा लिया गया है। अब बीएचयू बुलेटिन जारी करेगा तभी स्पष्ट हो पाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed