UP: कफ सिरप के सरगना शुभम जायसवाल के मकान पर ईडी की नोटिस चस्पा, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्राथमिकी दर्ज
कफ सिरप की तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल की तलाश में अलग- अलग पुलिस टीमें लगी हैं। उधर, बुधवार को उसके बनारस स्थित मकान पर नोटिस चस्पा की कार्रवाई की गई है।
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रदेश में सक्रिय नशीले कफ सिरप के सिंडीकेट के खिलाफ मंगलवार को मनी लॉन्डि्रंग एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली। ईडी, लखनऊ के जोनल कार्यालय की तरफ से मामले की जांच की जाएगी। दूसरी तरफ ईडी ने बुधवार को मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल के वाराणसी स्थित बादशाहबाग और प्रहलाद घाट आवास पर छापा मारा। साथ ही आवास पर नोटिस चस्पा करके शुभम को 8 दिसंबर को तलब किया। दुबई भाग चुके शुभम से उसकी फर्मों और संपत्तियों से जुड़ी जानकारियां मांगी गई हैं।
ईडी लखनऊ जोनल कार्यालय की दो टीमें सहायक निदेशक प्रवीण कुमार की अगुवाई में बुधवार को वाराणसी पहुंची थीं। टीम ने घंटों जांच की और मुख्य आरोपी शुभम के परिवार की महिलाओं के बयान दर्ज किए। आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रहलाद घाट के कायस्थ टोला में शुभम जायसवाल के आवास पर जब टीम पहुंची तो बाहर से ताला बंद मिला। अधिकारियों ने नियम के तहत दरवाजे पर नोटिस चस्पा किया।
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ईडी अब शुभम के माता-पिता, रिश्तेदारों और सहयोगियों की संपत्तियों का पूरा ब्योरा खंगाल रही है। ईडी को शक है कि कफ सिरप से हुई अवैध कमाई जमीन, मकान सहित अन्य चल-अचल संपत्तियों में खपाई गई है। इससे पहले ईडी ने लखनऊ में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और वाराणसी में शुभम जायसवाल के ठिकानों पर रेकी भी की थी।
जांच के दौरान शुभम जायसवाल द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली फॉर्च्यूनर गाड़ी यूपी 32 एफए 1111 के बारे में भी जानकारियां जुटाई गई हैं। ईडी की पड़ताल के बाद मामले में और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
बीते 10 साल की कमाई, फर्मों का ब्योरा मांगा
अगले दो दिन में दूसरे आरोपियों को समन भेजेगा प्रवर्तन निदेशालय
सूत्रों के मुताबिक अगले दो दिन में मामले के अन्य आरोपियों अमित सिंह टाटा, आलोक सिंह, भोला प्रसाद जायसवाल, गौरव, वरुण, विकास, आसिफ, वासिफ, विकास सिंह नरवे समेत 30 से ज्यादा आरोपियों को समन भेजा जाएगा। वहीं, अदालत की अनुमति से जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। ईडी ने गाजियाबाद, सोनभद्र, वाराणसी, जौनपुर, लखनऊ आदि जिलों में 30 से ज्यादा दर्ज मामलों को आधार बनाया और मनी लॉन्डि्रंग के तहत मामला दर्ज कर लिया। ईडी मध्य प्रदेश और झारखंड में दर्ज मामलों का ब्योरा भी जुटा रही है।
रडार पर कई माफिया
सूत्रों के मुताबिक ईडी इस प्रकरण के जरिये पूर्वांचल में सक्रिय माफिया की कुंडली भी खंगाल रही है। तमाम माफिया द्वारा अर्जित की गई अरबों रुपये की संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है। मामला प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से जुड़ा होने की वजह से ईडी इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक शुभम जायसवाल को माफिया का सीधा संरक्षण मिला था जिसकी वजह से नशीले कफ सिरप का कारोबार कई राज्यों में धड़ल्ले से हो रहा था। इसकी तस्करी बांग्लादेश और नेपाल में की जा रही थी।
मामला संसद में उठा, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा- बाहुबलियों का संरक्षण
आजमगढ़ से सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने पूर्वांचल में कफ सिरप गिरोह के सक्रिय होने का मामला बुधवार को संसद में उठाया। उन्होंने कहा कि बनारस से सटे जिलों में नशीले कफ सिरप का जाल फैला है। पीएम के संसदीय क्षेत्र में भी नशीले कफ सिरप की बिक्री का मामला सामने आया है। दो हजार करोड़ का कारोबार हुआ है। तस्करों ने माफियाओं को करोड़ों की गाड़ी गिफ्ट की है। आरोपी को बाहुबलियों का संरक्षण है। ब्यूरो
पुलिस आयुक्त से मिली अमित सिंह टाटा की मां
अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को अमित सिंह टाटा की मां ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। कफ सिरप प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी की मां ने पुलिस आयुक्त से कहा कि मेरे बेटे का राजा आनंद ज्योति सिंह की मौत से कोई संबंध नहीं था। जांच में वह दोषी नहीं पाया गया था। कफ सिरप प्रकरण में नाम आने के बाद उसे दोबारा से हत्या की साजिश में फंसाने की कोशिश की जा रही है। मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अधिवक्ता के परिजन अमित सिंह टाटा और शुभम जायसवाल पर हत्या की साजिश का आरोप लगा चुके हैं। पुलिस आयुक्त से मिलकर जांच की गुहार लगाई थी।