ई-बस सेवा पर लगा ग्रहण: वाराणसी में परिवहन निगम का हवाई प्लान, बिना जमीन ही ले लिया चार्जिंग का सामान
वाराणसी में परिवहन निगम की लापरवाहियों के चलते ई-बसों का संचालन अधर में लटक गया है। शहर के बीच चार्जिंग प्वाइंट अब तक नहीं बन सका है।
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वाराणसी की सड़कों पर प्रदूषण मुक्त सफर का सपना फिलहाल पूरा होता नहीं दिख रहा है। परिवहन निगम की लापरवाही के चलते शहर में बनने वाले दो चार्जिंग प्वाइंट के लिए जमीन तक तय नहीं हो पाई है। इस तरह की हीलाहवाली तब की जा रही है, जब 11 ई-बसें लखनऊ से वाराणसी भेज दी गई हैं। 20 नवंबर से पहले आठ और बसे बेडे़ में जुड़ जाएंगी।
मगर, परिवहन निगम की अधूरी तैयारियों के चलते ई बसों का संचालन अधर में लटक गया है। दरअसल, मिर्जामुराद में बन रहे ई चार्जिंग स्टेशन के साथ ही शहर में दो जगहों पर भी चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाने हैं। इसके लिए परिवहन निगम को जमीन की व्यवस्था कर इसे सितंबर महीने में तैयार किया जाना था। मगर, परिवहन निगम जमीन की व्यवस्था करने की बजाय नगर निगम को पत्र लिखकर खानापूर्ति करता रहा।
शहर के बीच चार्जिंग प्वाइंट नहीं होने की वजह से ई-बसों के संचालन की सारी कवायद नाकाफी साबित हो गई है। शहर के अलग-अलग रूटों पर 50 बसों का संचालन किया जाना है। सभी संसाधनों को विकसित करने के बाद वासुदेवो सिटी बस ऑपरेशन प्राइवेट को संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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दिसंबर में भी संचालन पर ग्रहण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिसंबर में वाराणसी दौरा संभावित माना जा रहा है। ऐसे में पीएम के हाथों हरी झंडी के बाद इन बसों के संचालन की योजना बन रही है। मगर, चार्जिंग प्वाइंट नहीं होने के कारण दिसंबर में भी संचालन पर ग्रहण प्रतीत हो रहा है।
कारण, जमीन चिह्नित होने के बाद उसमें चार्जिंग प्वाइंट के लिए समय की आवश्यकता होगी। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि ई- बसों के संचालन के लिए शहर में दो चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाने हैं। इसके लिए परिवहन विभाग को जमीन चिह्नित करनी है। शासन से बात कर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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