Gyanvapi Masjid Case: ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान शिवलिंग मिलने का दावा, वीडियो हुआ वायरल, मुस्लिम पक्ष बता रहा फव्वारा
ज्ञानवापी परिसर में तीन दिनों तक चली सर्वे की कार्रवाई सोमवार को पूरी हो गई। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक ठोस संरचना को हिंदू पक्ष शिवलिंग बता रहा है।
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ज्ञानवापी परिसर में तीन दिनों तक चली सर्वे की कार्रवाई के दौरान कमीशन की टीम परिसर के कोने-कोने से रूबरू हुई। इस दौरान वजूखाने की जांच के लिए पानी और मलबा निकालकर सर्वे की कार्रवाई को पूरा किया गया। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है।
इसे लोग खूब शेयर कर रहे हैं। वीडियो में एक ठोस संरचना को हिंदू पक्ष शिवलिंग बता रहा है। वहीं, मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वह शिवलिंग नहीं फव्वारा है। बता दें कि शिवलिंग मिलने के दावे के बाद वादी पक्ष के वकील हरिशंकर जैन की अपील पर सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने नंदी के सामने शिवलिंग वाली जगह को सील करने का आदेश दिया।
अदालत ने उस स्थान को संरक्षित व सुरक्षित रखने की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और सीआरपीएफ के कमांडेंट की तय की है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को इसकी निगरानी करने का भी आदेश दिया गया है। इस बीच, मुस्लिम पक्ष ने शिवलिंग मिलने के दावे से इनकार किया है।
सुबह साढ़े सात बजे ही विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह, अधिवक्ता आयुक्त अजय मिश्र और कमीशन की टीम के अन्य सदस्यों ने सर्वे के लिए परिसर में प्रवेश किया। इससे पहले रात में जलकल विभाग की टीम ने वजूखाने से पानी और मछलियों को निकाल दिया था। वजूखाने के नीचे सर्वे की कार्रवाई के दौरान करीब 12 फुट लंबा और आठ फीट चौड़ा शिवलिंग मिलने का दावा किया गया।
इसके बाद कमीशन की कार्रवाई में जुटे वादी पक्ष के लोगों ने हर-हर महादेव के नारे लगाए। फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के बीच ही वादी पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन बाहर निकले और कोर्ट पहुंचकर आवेदन दिया कि सोमवार को सर्वे के दौरान मस्जिद परिसर में शिवलिंग पाया गया है। यह महत्वपूर्ण साक्ष्य है।
ऐसे में सीआरपीएफ कमांडेंट को निर्देश दिया जाए कि वहां मुस्लिम समुदाय के लोगों का प्रवेश वर्जित करें। मात्र 20 लोगों को नमाज की इजाजत दी जाए और वजू करने से रोक दिया जाए। सिविल जज ने जिलाधिकारी को आदेश दिया कि जिस जगह शिवलिंग मिला है, उसे तत्काल सील कर दें। वहां सभी का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।
पानी के फव्वारे का हिस्सा है, शिवलिंग नहीं
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन का कहना है कि जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है, वह पानी के फव्वारे का एक हिस्सा है। जितनी भी पुरानी मस्जिदें हैं, उन सभी जगहों पर काले या सफेद पत्थर युक्त पानी का फव्वारा होता है। अदालत ने हौद को सील करने का आदेश दिया है। मसला अदालती है, इस नाते क्या कहा जाए।