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ड्रग्स की लत: अपनों को भूले, 90 मरीज आ रहे अस्पताल, इनमें 35 साल तक के 60 युवा
Sat, 15 Nov 2025 05:25 PM IST
प्रगति चंद
अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।
अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 15 Nov 2025 05:25 PM IST
सार
Varanasi Latest News: ड्रग्स की लत के कारण युवा अपना भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। कोई नशे में अपनों को भूल रहा तो किसी के हाथों पर जख्मों के निशान पड़ गए हैं।
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नशे की लत में अपनों को भूले लोग
- फोटो : एआई
विस्तार
इंजेक्शन से ड्रग्स की ऐसी लत लगी कि किसी की हाथ की नसें सूज गईं तो किसी के हाथों पर जख्मों के निशान उभर आए। कोई नशा करके एचआईवी का शिकार हुआ तो कोई कुपोषण का शिकार हो गया। कोई नशे में मेमोरी लॉस का शिकार हो गया और अपने लोगों को ही भूल गया। करीब 90 मरीज दवा लेने अस्पताल आ रहे हैं। इनका इलाज चल रहा है। इनमें 60 मरीजों की उम्र 18-35 वर्ष के बीच है।
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यह कहना है दीनदयाल अस्पताल के ओएसटी सेंटर में ऐसे लोगों का इलाज कर रहीं एएनएम अंजनी त्रिपाठी का। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले हर व्यक्ति की अलग कहानी है। कोई नशे से परेशान होकर खुद यहां आ रहा है तो किसी के परिजन यहां उन्हें जबरन लेकर आ रहे हैं। एक बार यहां आने के बाद फिर वह नशेड़ी मरीज बनकर यहां स्वेच्छा से आकर नियमित रूप से दवा ले रहे हैं।
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हर वर्ग के लोग हो रहे नशे का शिकार
ओएसटी सेंटर के परामर्शदाता प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि अच्छे घरों के लोग भी इस नशे की गिरफ्त में हैं। जिले में कई क्षेत्र ऐसे भी हैं, जो नशे का हॉट स्पॉट हो चुके हैं। उन क्षेत्रों से भी लोग यहां आते हैं, उनकी पहले काउंसिलिंग करके उन्हें दवाएं दी जाती हैं। इन दवाओं का सामान्य तौर पर दो वर्षों का डोज है लेकिन मरीज जब तक स्वयं दवाओं को छोड़ नहीं देता, तब तक दवाएं चलती रहती हैं। इन दवाओं का 24 से 36 घंटे तक असर रहता है।