{"_id":"67418039fcf845a9ae00af15","slug":"domri-katha-sthal-across-ganges-devotees-littered-due-to-shortage-of-toilets-in-varanasi-2024-11-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही: डोमरी में कथास्थल के पास 3.5 लाख भक्तों के लिए सिर्फ 500 टॉयलेट, गंगा किनारे कर रहे गंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही: डोमरी में कथास्थल के पास 3.5 लाख भक्तों के लिए सिर्फ 500 टॉयलेट, गंगा किनारे कर रहे गंदगी
Sat, 23 Nov 2024 12:47 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 23 Nov 2024 12:47 PM IST
सार
वाराणसी के डोमरी में कथास्थल पर 3.5 लाख भक्तों की भीड़ जुटी हुई है। लेकिन, यहां केवल 500 टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। ऐसे में केवल 1.44 लाख लोग इस्तेमाल कर पा रहे हैं। 2 लाख 6 हजार भक्तजन गंगा किनारे गंदगी फैला रहे हैं।
विज्ञापन
डोमरी गांव में कथा सुनने जाते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा पार डोमरी में कथास्थल के आसपास 500 टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। सामान्य रूप से एक टॉयलेट यदि पांच मिनट भी इस्तेमाल हो रहा है तो 24 घंटे में 1.44 लाख लोग ही उपयोग कर पा रहे हैं। जबकि भीड़ 3.50 लाख की है। ऐसी स्थिति में 2 लाख 6 हजार भक्तजन सूर्योदय से पूर्व और सूर्यास्त के बाद मुक्त आकाश के नीचे मुक्त करके किनारों को मलीन कर रहे हैं।
विज्ञापन
आंकड़ों पर गौर करे तो 3.5 लाख में से दो लाख लोग काशी और आसपास के जिलों से प्रतिदिन आते हैं और कथा होने के बाद चले जाते हैं। इनके अलावा 1.5 लाख लोग यहीं पंडालों के आसपास रुकते हैं। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और आयोजकों के मिलाकर कुल 500 टॉयलेट हैं। इनमें 15 मोबाइल टॉयलेट हैं। जिनमें 150 शीट है। इसी प्रकार आयोजकों के 200 और पीडब्ल्यूडी के 150 अस्थायी टॉयलेट हैं।
विज्ञापन
गंगा पार की गंदगी से इस पार घाट पर भी बढ़ी परेशानी
बावजूद इसके रेत के आसपास काफी गंदगी फैल रही है। गंगा पार की गंदगी से इस पार घाट पर भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परेशान कर रही है। नाव में घूमने वाले लोग भी उस पार जाने से परहेज कर रहे हैं। यहां तक की घाट किनारे खुले होटल और रेस्टोरेंट वाले भी गंगा की ओर से खिड़की बंद करके रखे हैं। यहां तक की डोमरी के लोग भी परेशान हैं। खुले में शौच के चलते यहां स्थित बद से बदतर हो गई। इसके चलते गंगा का जल भी दूषित हो रही है। नगर निगम के अधिकारी लगातार यहां चक्रमण कर व्यवस्था दुरुस्त कराने में लगे हैं।
कथावाचक ने अपने श्रोताओं के दैविक विकास के लिए कथामृत की वर्षा की। कथा का असर ये था कि लोग भले ही धरती पर रहें, लेकिन मानसिक धरातल पर वे लोग दिव्यलोक में विचरण कर रहे थे। उसका परिणाम हुआ कि जो भौतिक यथार्थता है, वह खतरे में आ गई। सामान्य वातावरण नितांत दूषित और मलिन हो गया। अब ये संकट है आध्यात्मिक विकास कितने हद तक हो कि लोग अपने आस पास के यथार्थता को न भूले।
कथावाचक ने अपने श्रोताओं के दैविक विकास के लिए कथामृत की वर्षा की। कथा का असर ये था कि लोग भले ही धरती पर रहें, लेकिन मानसिक धरातल पर वे लोग दिव्यलोक में विचरण कर रहे थे। उसका परिणाम हुआ कि जो भौतिक यथार्थता है, वह खतरे में आ गई। सामान्य वातावरण नितांत दूषित और मलिन हो गया। अब ये संकट है आध्यात्मिक विकास कितने हद तक हो कि लोग अपने आस पास के यथार्थता को न भूले।
विज्ञापन
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने निरीक्षण कर व्यवस्थाएं कराईं चुस्त-दुरुस्त
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त रखने की हिदायत दी। यहां तीन शिफ्ट में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें पहले शिफ्ट में 80, दूसरे में 80 और तीसरे में 60 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सफाई के अलावा यहां की कूड़ा गाड़ी और मोबाइल शौचालय रखवाए गए हैं। ब्लीचिंग का छिड़काव कराया जा रहा है।
महाकुंभ के पहले काशी में प्रदूषित हुआ गंगा पार डोमरी का इलाका
महाकुंभ से पहले काशी में गंगा पार का इलाका प्रदूषित हो गया है। डोमरी में आयोजित शिवमहापुराण कथा में आए भक्तों की गंदगी से न केवल गंगा बल्कि रेत भी दूषित हो गया है। आयोजकों और नगर निगम की ओर से किए गए प्रबंध भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
क्या बोले अधिकारी
कथास्थल पर सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त कराई गईं। सफाईकर्मी लगातार सफाई कर रहे हैं। एनाउंसमेंट कराया जा रहा है कि खुले में शौच न करें। टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था कराई गई है। - डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
महाकुंभ के पहले काशी में प्रदूषित हुआ गंगा पार डोमरी का इलाका
महाकुंभ से पहले काशी में गंगा पार का इलाका प्रदूषित हो गया है। डोमरी में आयोजित शिवमहापुराण कथा में आए भक्तों की गंदगी से न केवल गंगा बल्कि रेत भी दूषित हो गया है। आयोजकों और नगर निगम की ओर से किए गए प्रबंध भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
क्या बोले अधिकारी
कथास्थल पर सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त कराई गईं। सफाईकर्मी लगातार सफाई कर रहे हैं। एनाउंसमेंट कराया जा रहा है कि खुले में शौच न करें। टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था कराई गई है। - डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी