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Ground Report: काशी में ललिता घाट पर कुत्ते नोच रहे जानवरों के शव, शैंपू-साबुन से नहा रहे लोग
Tue, 09 Dec 2025 01:20 PM IST
प्रगति चंद
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:20 PM IST
सार
Varanasi News: वाराणसी जिले में गंगा घाटों पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रतिबंधित कार्यों को खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। कहीं लोग शैंपू-साबुन से नहा रहे हैं तो कहीं घाट पर बहकर आए शव को कुत्ते नोचते नजर आ रहे हैं।
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ललिता घाट के सामने मृत जानवर को नोचता कुत्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ज्यों ज्यों दवा की, मर्ज बढ़ता गया... जी हां, गंगा पर यह कहावत एकदम सटीक बैठती है। सामनेघाट से आदिकेशव घाट के बीच कई घाटों पर गंगा में सीवर का गिरना बंद नहीं हुआ है। आदिकेशव और सामनेघाट पर जानवरों को नहलाने का सिलसिला तो अनवरत जारी है। ललिता घाट पर सोमवार को बहकर आए मरे जानवरों को कुत्ते नोचते मिले।
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गंगा में गंदगी की पड़ताल सोमवार को अमर उजाला की टीम ने की। विष्णुपादोदक तीर्थ आदिकेशव घाट पर पशुओं के झुंड को पानी में नहलाया जा रहा था। वहीं बगल में रंगसाज रंगे हुए कपड़ों की धुलाई कर रहा था। यह सिलसिला रोजाना सुबह नजर आता है। बगल में स्नान करने पहुंचे श्रद्धालु साबुन से कपड़े धो रहे थे तो कुछ लोग साबुन लगाकर नहा रहे थे।
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काशी के प्रथम घाट में शुमार और कच्चा घाट होने के कारण आसपास के गांवों से पशुपालक रोजाना पशुओं को स्नान कराने के लिए यहां आते हैं। राम घाट के ठीक बगल में नाला सीधे गंगा में गिर रहा है। घाट किनारे कूड़े का बड़ा ढेर भी जमा है जिसकी सफाई लंबे समय से नहीं हुई।
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वहीं कई घाटों पर टूटे हुए डस्टबिन में कूड़ा कई दिन से पड़ा है लेकिन कोई उठाने वाला नहीं है। विश्व प्रसिद्ध पंचगंगा घाट के पास गंदगी से वहां आने-जाने वाले यात्रियों को नाक बंद करके गुजरना पड़ रहा है। गंगा द्वार से नीचे जानवर मरा मिला। कुत्ते उसे नोच रहे थे और बदबू के कारण वहां से होकर गुजरना मुश्किल था।
देव दीपावली के बाद सुस्त है सफाई
केंद्रीय देव दीपावली समिति के अध्यक्ष वागीश मिश्र ने बताया कि सामनेघाट से आदिकेशव घाट के बीच कई घाटों पर स्थितियां बेहद खराब है। कुछ घाट तो ऐसे हैं जहां से पैदल चलना मुश्किल है। कई घाटों पर खुलेआम सीवर बहाया जा रहा है। देव दीपावली तक तो साफ-सफाई तेजी से हुई लेकिन उसके बाद स्थितियां सुस्त हो गई हैं।
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शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा शवों का निस्तारण
नमामि गंगे गंगा विचार मंच के महानगर संयोजक शिवम अग्रहरि ने बताया कि हम लोग गंगा टास्क फोर्स के साथ मिलकर नियमित रूप से जागरूकता अभियान चला रहे हैं। लालघाट और गोलाघाट पर आए दिन जानवरों के शव बहकर आ रहे हैं। शिकायत के बाद शवों का निस्तारण नहीं किया जाता है।
नमामि गंगे गंगा विचार मंच के महानगर संयोजक शिवम अग्रहरि ने बताया कि हम लोग गंगा टास्क फोर्स के साथ मिलकर नियमित रूप से जागरूकता अभियान चला रहे हैं। लालघाट और गोलाघाट पर आए दिन जानवरों के शव बहकर आ रहे हैं। शिकायत के बाद शवों का निस्तारण नहीं किया जाता है।
गंगा में ये है प्रतिबंधित
- सीवर, मलजल प्रवाह
- साबुन लगाकर स्नान, कपड़ा धोना
- ठोस अपशिष्ट व कचड़ा फेंकना
- शव के अवशेष या शव का प्रवाह
- मृत जानवरों के शव को फेंकना
- डीजल नाव का संचालन
काशी के पांच घाटों से ग्राउंड रिपोर्ट
- आदिकेशव घाट : पशुओं के झुंड को पानी में नहलाया जा रहा था, कुछ लोग साबुन लगाकर नहा रहे थे।
- सिंधिया घाट और भोसले घाट : लोग साबुन लगाकर स्नान करते नजर आए।
- राम घाट : गंगा में एक मृत पशु तराया हुआ मिला और उसकी बदबू से आसपास के लोग परेशान रहे।
- पंचगंगा घाट : शिव मंदिर के पास लोग खुले में शौच करते हुए नजर आए।
- ललिता घाट : गंगा द्वार से नीचे मृत पशु पड़े हुए थे।
क्या बोले अधिकारी
गंगा में साबुन लगाकर स्नान करना, जानवरों या मनुष्य के शव को बहाना, सीवर या मलजल का प्रवाह करना प्रतिबंधित है। इसको रोकना बेहद जरूरी है। इसके कारण गंगा के जल में प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा और जलीय जीवों पर भी संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। -प्रो. बीडी त्रिपाठी, नदी विज्ञानी