कहां है डॉ. संपूर्णानंद का नाम : बिफरे राज्यमंत्री, Smart City के अफसरों ने कहा- बोर्ड बाहर बना, जांच नहीं पाए
Varanasi News : वाराणसी में डॉ. संपूर्णानंद सिगरा स्टेडिम का नाम बदले जाने के मामले पर सियासत गर्म हो गई थी। विपक्षी दलों के लोगों ने सरकार के साथ जिला प्रशासन पर भी तरह-तरह के आरोप लगाए थे। जांच में यह बात सामने आई कि स्मार्ट सिटी की तरफ नाम वाला बोर्ड बनवाया गया था।
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स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने बीती शाम सिगरा स्टेडियम का निरीक्षण किया। मुख्य गेट पर लगे बोर्ड पर कहीं भी डॉ. संपूर्णानंद का जिक्र नहीं था। यह देखकर राज्यमंत्री स्मार्ट सिटी के अफसरों पर भड़क गए।
अफसरों को फटकार लगाई, पूछा कि बोर्ड पर नाम क्यों नहीं है। अफसर अलग-अलग तरह की सफाई देते रहे। राज्यमंत्री ने बोर्ड के नाम में संशोधन कर डॉ. संपूर्णानंद लिखने के निर्देश दिए।
राज्यमंत्री ने स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया। बोर्ड पर नाम नहीं देखकर कहा कि सारा कन्फ्यूजन लोगों में इसी के चलते हुआ है। इस पर स्मार्ट सिटी के अफसरों ने सफाई दी कि बोर्ड बाहर से बनवाया है। यह गलती इसी कारण हुई है। बाद में इसे चेक नहीं किया गया।
राज्यमंत्री ने कहा कि आप सभी अफसरों की लापरवाही के कारण स्टेडियम के नाम को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन हो गया है। अब इसे जल्दी ठीक कराइए। उन्होंने कहा कि मुख्य गेट समेत स्टेडियम के सभी चारों गेट पर नाम में संशोधन कराइए और उसमें डॉ. संपूर्णानंद का नाम जुड़वाइए। इसके बाद देर शाम नाम लिख दिया गया।
कांग्रेस का आरोप... भाजपा ने बदला नाम
20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद ही स्टेडियम के नाम को लेकर विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा ने डॉ. संपूर्णानंद स्टेडियम का नाम बदलकर वाराणसी स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स कर दिया है। जबकि कमिश्नर कौशल राज शर्मा और राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल सफाई दे रहे थे नाम नहीं बदला गया है। वहीं सपा नेता मनोज राय धूपचंडी ने दावा किया कि उनके ट्वीट के बाद ही राज्यमंत्री ने दौरा किया और नाम लिखा गया।