Diwali 2022: धनतेरस पर सिर्फ पांच घंटे ही होंगे भगवान धन्वंतरि के दर्शन, कलश से बरसेगा आरोग्य का अमृत
वाराणसी के सुड़िया स्थित धनवंतरि निवास में भगवान धनवंतरि के दरबार में वर्ष भर निरोग रहने के लिए श्रद्धालु अमृत रूपी खजाना प्रसाद के रूप में पाने के लिए हाजिरी लगाते हैं।
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धनत्रयोदशी पर आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरि के कलश से आरोग्य का अमृत छलकेगा। काशी में जहां अन्नपूर्णा मंदिर में श्रद्धालुओं को माता अन्नपूर्णा के दर्शन से समृद्धि का खजाना प्राप्त करते हैं तो वहीं सुड़िया स्थित धनवंतरि निवास में भगवान धनवंतरि के दरबार में वर्ष भर निरोग रहने के लिए श्रद्धालु अमृत रूपी खजाना प्रसाद के रूप में पाने के लिए हाजिरी लगाते हैं।
वैद्य समीर कुमार शास्त्री ने बताया कि 22 अक्तूबर को भगवान धनवंतरि के दर्शन सायं पांच बजे से रात 10 बजे तक सिर्फ पांच घंटे ही होंगे। काशी के राजवैद्य स्व. पंडित शिव कुमार शास्त्री के धनवंतरि निवास में प्रतिस्थापित भगवान धनवंतरि की अष्टधातु की मूर्ति करीब 325 साल पुरानी है।
भगवान धनवंतरि की यह मूर्ति भारत में एकमात्र है। वर्ष में सिर्फ एक दिन धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि के दर्शन के लिए मंदिर का पट खुलता हैं। वर्ष भर निरोग रहने के लिए देश-विदेश के दर्शनार्थी भगवान धनवंतरि के दर्शन का इंतजार करते हैं। मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भगवान के दर्शन के लिए आतुर रहती है।
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श्रद्धालुओं को भगवान धनवंतरि के अमृत रूपी प्रसाद का वितरण किया जाता है। रात को ठीक 10 बजे मंदिर का कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाएगा। उसके बाद अगले साल धनतेरस को ही खुलेगा। राजवैद्य परिवार के पं. राम कुमार शास्त्री, नंद कुमार शास्त्री एवं समीर कुमार शास्त्री अब भगवान के पूजन एवं सार्वजनिक दर्शन की परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।