UP: पद्मश्री शुभंकर की दिव्यांग बेटी को मिलेगा प्रमाणपत्र, मंत्री दयालु के निर्देश के बाद हरकत में आया विभाग
Varanasi News: वाराणसी में जिसके दादा और पापा पद्मश्री हैं, उसका डेढ़ साल से ज्यादा समय से दिव्यांग सर्टिफिकेट नहीं बना पाया। 11 जून 2024 को सीएमओ को पत्र लिखा, लेकिन विभागीय टीम जांच करने घर तक नहीं पहुंची।
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UP News: पद्मश्री शिल्पकार श्री भास चंद्र सुपकार की जन्म से दिव्यांग बेटी वेदमती को लेकर छपी खबर के बाद प्रशासन आखिरकार हरकत में आ गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु के सख्त रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य मंत्री दयालु ने पूरे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, यह बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है कि जिस बेटी के पिता और दादा दोनों पद्मश्री सम्मान से सम्मानित रहे हों, उसी बेटी का डेढ़ साल से दिव्यांगता प्रमाणपत्र नहीं बन पाया।
मंत्री ने दिए थे निर्देश
यह केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि व्यवस्था की असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है। मंत्री दयालु ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया है कि वेदमती का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए और बिना किसी देरी के दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किया जाए।
उन्होंने कहा, इस मामले में अब तक जो भी लापरवाही हुई है, उसकी जांच कराई जाएगी और यदि दोषी पाए गए तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने चेतावनी दी कि आगे किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वेदमती सुपकार 25 वर्ष की हैं और जन्म से ही बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रसित हैं। उन्हें कॉर्पस कैलोसम से जुड़ी गंभीर चिकित्सकीय समस्या है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में उनका पंजीकरण पहले हो चुका है और दिव्यांग के रूप में मान्यता भी मिल चुकी है, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया था।
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