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एक दिन पहले जो गंगा घाट हो रहे थे जगमग, अब वहां नजर आ रहे कूड़े के ढेर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:42 PM IST
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गंगा घाट
- फोटो : अमर उजाला
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देव दीपावली पर पतिपावनी गंगा के तट पर जो घाट शनिवार की शाम जगमग हो रहे थे, वहीं रविवार को हर तरफ गंदगी और कचरा नजर आया। देव दीपावली के बाद अस्सी से राजघाट तक फूल-माला, दीये और कूड़े के ढेर लगे हुए थे।
अवकाश के चलते नगर निगम के सफाईकर्मचारी घाटों की सफाई करने पहुंचे ही नहीं। हालांकि स्वयं सेवी संगठनों और बीएचयू की छात्राओं ने कुछ घाटों पर झाड़ू लगाने के साथ कचरा हटाया। शनिवार को अस्सी से राजघाट तक सभी घाटों को दुल्हन की तरह सजाया गया था।
घाटों की आभा देखने के लिए मंत्रियों, नेताओं और आला अधिकारियों से लेकर आमजन का हुजूम उमड़ पड़ा था मगर पर्व बीतने के बाद रविवार को हर तरफ गंदगी नजर आई। भैंसासुर घाट, बूदी परकोटा घाट, राणा महल घाट, गायघाट, गोलाघाट, दरभंगा घाट, हरिश्चंद्र सहित सभी घाटों पर कचरा पसरा रहा।
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अवकाश के चलते नगर निगम के सफाईकर्मचारी घाटों की सफाई करने पहुंचे ही नहीं। हालांकि स्वयं सेवी संगठनों और बीएचयू की छात्राओं ने कुछ घाटों पर झाड़ू लगाने के साथ कचरा हटाया। शनिवार को अस्सी से राजघाट तक सभी घाटों को दुल्हन की तरह सजाया गया था।
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घाटों की आभा देखने के लिए मंत्रियों, नेताओं और आला अधिकारियों से लेकर आमजन का हुजूम उमड़ पड़ा था मगर पर्व बीतने के बाद रविवार को हर तरफ गंदगी नजर आई। भैंसासुर घाट, बूदी परकोटा घाट, राणा महल घाट, गायघाट, गोलाघाट, दरभंगा घाट, हरिश्चंद्र सहित सभी घाटों पर कचरा पसरा रहा।
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सफाई कर्मचारी मनाते रहे छुट्टी
कूड़े के ढेर
- फोटो : अमर उजाला
सफाई कर्मचारी छुट्टी मनाते रहे और श्रद्धालु से लेकर पर्यटक तक नगर निगम प्रशासन को कोसते रहे। नगर निगम ने जोनल अधिकारियों सफाई व्यवस्था की निगरानी करने का निर्देश भी दिया गया था लेकिन किसी घाट पर झाड़ू तक नहीं लगी।
कुछ घाटों और पक्के महाल की जिम्मेदारी आईएलएफएस को दी गई थी लेकिन उसके कर्मचारी भी कूड़ा उठाने नहीं पहुंचे। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि घाटों की सफाई के लिए निजी संस्था और जोनल अधिकारियों को हिदायत दी गई थी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
बीएचयू की राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं ने रविवार को स्वच्छता अभियान चलाकर घाटों पर सफाई की। छात्राओं ने अस्सी और आसपास के घाटों में झाड़ू लगाई और फूल-माला व दीये के कचरे को साफ किया। साथ ही नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों से गंगा की स्वच्छता, शुद्धता बरकरार रखने की अपील की।
कुछ घाटों और पक्के महाल की जिम्मेदारी आईएलएफएस को दी गई थी लेकिन उसके कर्मचारी भी कूड़ा उठाने नहीं पहुंचे। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि घाटों की सफाई के लिए निजी संस्था और जोनल अधिकारियों को हिदायत दी गई थी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
बीएचयू की राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं ने रविवार को स्वच्छता अभियान चलाकर घाटों पर सफाई की। छात्राओं ने अस्सी और आसपास के घाटों में झाड़ू लगाई और फूल-माला व दीये के कचरे को साफ किया। साथ ही नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों से गंगा की स्वच्छता, शुद्धता बरकरार रखने की अपील की।