Dev Diwali: 30 क्रूज, 2000 नावों से दो लाख लोगों ने गंगा से देखी काशी की देव दीपावली; छोटी नाव नहीं चली
काशी की देव दीपावली पर विहंगम नजारा देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ रही। नाव में भी बैठ कर लोग गंगा आरती का हिस्सा बने। यहीं से लेजर लाइट शो और आतिशबाजी की वीडियो भी बनाई गई।
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Varanasi News: काशी की देव दीपावली का नजारा देखने लोग देश दुनिया से काशी आए थे। जल पुलिस और मांझी समाज से जुड़े पदाधिकारियों से मिले आंकड़े के अनुसार 30 क्रूज, 2000 नावों से 2 लाख लोगों ने गंगा से काशी की देव दीपावली देखी।
क्रूज पर सवार होने के लिए लोग रविदास घाट पहुंचे। इसके अलावा बड़ी नाव, मझोली नाव, बजड़ा को ही गंगा में चलने की अनुमति पुलिस प्रशासन की ओर से दी गई थी। इनके संचालन के लिए गंगा में रूट बनाया गया था। एक रूट आने और एक रूट जाने के लिए बनाया गया था।
इस दौरान जल पुलिस के जवान भी बीच-बीच में बोट से चक्रमण कर नावों को रेगुलेट कर रहे थे। जानकारों के अनुसार 2 हजार रुपये से लेकर 5 हजार रुपये प्रति सवारी किराया वसूला गया।
दुरुस्त रही सुरक्षा
एक दिन पूर्व 84 घाट, 96 कुंड, 53 घाटों पर महाआरती के साथ 25 लाख दीये जले। देव दीपावली के अलावा कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर सुबह से दोपहर तक नावें गंगा में चलती रही। इस दौरान किराया कम था। शाम के समय किराया पांच गुना हो गया था। मां गंगा निषादराज सेवा न्यास के पदाधिकारी राकेश साहनी ने कहा कि प्रत्येक नाव पर 80 से 100 लोग बैठे रहे।
नहीं चलने दी गईं 600 नावें
देव दीपावली पर सुरक्षा कारणों के चलते 600 छोटी नावें पुलिस ने नहीं चलने दी। हाथ से चलने वाली चप्पू की नाव देव दीपावली पर गंगा में नहीं चलीं। उधर जल पुलिस के प्रभारी राजकिशोर ने बताया कि 20 क्रूज और तकरीबन 2000 छोटी, बड़ी नावों से लोगों ने देव दीपावली पर गंगा आरती देखी है। प्रति क्रूज पर 50 से 60 लोग बैठे रहे।