देव दीपावली: कार्तिक मास में नहीं कर सके दीपदान, तो आज जलाएं दीप, प्रसन्न होंगी महालक्ष्मी
काशी में कार्तिक मास पर्यंत दीपदान की परंपरा है। पूरे माह दीपदान नहीं कर पाने वालों के लिए देव दीपावली पर दीप जलाकर मास पर्यंत का फल और शुभता की प्राप्ति हो सकती है।
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कार्तिक महीने में दीपक जलाने का विशेष महत्व है। दीपक रोशनी का प्रतीक है जिससे अंधकार दूर होता है। इसलिए दीपावली के ठीक 15 दिन बाद देव दीपावली मनाई जाती है। कार्तिक महीने में दीपक के प्रकाश, जप, दान व स्नान का विशेष महत्व रहता है। ऐसा करने से जातक पर लक्ष्मी नारायण की कृपा होती है। इसलिए अगर आप कार्तिक महीने में कोई उपाय नहीं कर पाए हो तो देव दीपावली को जरूर दीपदान करें।
काशी में कार्तिक मास पर्यंत दीपदान की परंपरा है। पूरे माह दीपदान नहीं कर पाने वालों के लिए देव दीपावली पर दीप जलाकर मास पर्यंत का फल और शुभता की प्राप्ति हो सकती है। मान्यता है कि कार्तिक मास में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के पूजन से दरिद्रता का नाश होता है।
इन स्थानों पर दीपक जलाना बेहद शुभ
ज्योतिषाचार्य पं. दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक दीपक प्रज्वलित करने के बाद पूजन करने से मां लक्ष्मी और सभी देवता आशीर्वाद देते हैं। तुलसी का चौरा, गंगा नदी और मंदिर में दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि शाम और सुबह सूर्य के अभाव में जहां दीपक का प्रकाश होता है वहीं देवताओं का वास होता है। इसलिए इस शुभ दीप घड़ी को अपने कल्याण के लिए जरूर इस्तेमाल करना चाहिए।
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गंगा स्नान के बाद करें 11 दीपों का दान
देव दीपावली पर करें जरूरतमंदों को दान
देव दीपावली के दिन घर के पास के किसी मंदिर में जाकर अपने आराध्य की पूजा करें। मंदिर में अपने आराध्य को मंत्रोच्चार करते हुए दीप दिखाएं। मंदिर के बाहर एक दीप पीपल के पेड़ के पास जला दें। फिर वहां अगर कोई गरीब या जरुरतमंद है तो उसे पैसे, अनाज या अपनी यथाशक्ति वस्तुओं का दान कर दें। ऐसा करने से आपके घर की आर्थिक उन्नति होगी और आप जीवन में काफी तरक्की करेंगे।
घर पर जलाएं 11 दीपक
घर पर घी या सरसों के तेल के 11 दीपक जलाएं। पहले मिट्टी के दीये को मां तुलसी के पास ऊं तुलसीभ्य: नम:मंत्र का उच्चारण करते हुए रख दें। एक दीये को आप घर के दरवाजे के बाहर रखें। बाकी बचे 9 दीयों को आप मंदिर में रख दें। इसके बाद आप अपने आराध्य की उपासना करने के साथ विष्णु सहस्रनाम और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से आपका भाग्य समृद्ध होगा और घर में लक्ष्मी का वास होगा।
सवा लाख मिट्टी के दीये से जगमगाएगा मार्कंडेय महादेव संगम घाट
कैथी स्थित गंगा गोमती के पावन संगम पर मां जान्हवी प्रज्ञा सेवा समिति की ओर से देव दीपावली महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सवा लाख मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे और शाम हथियाराम मठ के महामंडलेश्रर भवानी नंदन यती महाराज द्वारा गंगा आरती की जाएगी। साथ ही भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम होगी। वहीं ढकवां स्थित गौरीशंकर महादेव गंगा घाट पर 51 हजार मिट्टी के दीप जलाकर भंडारे का प्रसाद भी लोग ग्रहण करेंगे। रामपुर चंद्रावती गंगा घाट पर भी 21 हजार मिट्टी के दीये जलाएं जाएंगेे।
सेवापुरी के रामेश्वर स्थित वरुणा घाट पर नव युवा समिति की ओर से वरुणा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। समिति के आयोजक पं. रोहित तिवारी के अनुसार 5100 दीप सहित 11 बाल ब्राह्मणों के नेतृत्व में कार्यक्रम होगा। झांकी व सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया है।