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दीपावली और धनतेरस : पुष्य नक्षत्र में 24 को बन रहा खरीदारी का उत्तम योग, साध्य योग और गुरु का अनुपम संयोग

Wed, 23 Oct 2024 01:57 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 23 Oct 2024 01:57 PM IST
सार

Varanasi News : दीपावाली का त्योहार नजदीक है। इसको लेकर तैयारियां भी की जाने लगी हैं। धनतेरस और दीपावली की खरीदारी को लेकर लोग अभी से ही उत्सुक हैं। ऐसे में पंडितों से शुभ समय की जानकारी ली जा रही है। इस खबर के माध्यम से आपको पता चलेगा खरीदारी का उत्तम योग और समय...

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Deepawali and Dhanteras in Pushya Nakshatra great opportunity for shopping combination Sadhy Yoga and Guru
दीपावली और धनतेरस की तैयारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नक्षत्रों का सम्राट पुष्य नक्षत्र 24 अक्तूबर को है। इस बार पुष्य नक्षत्र व साध्य योग का अनुपम संयोग बना है। यह नक्षत्र 24 घंटे से अधिक समय तक रहेगा। दीपावली और धनतेरस से पहले इस नक्षत्र के पड़ने से खरीदारी के उत्तम योग मिल रहे हैं। इस योग में आभूषण से लेकर वाहनों की खरीदारी, दुकानों और प्रतिष्ठान के उद्घाटन आदि कर सकते हैं। तंत्र साधना के लिए भी यह नक्षत्र उत्तम है।

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27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र सबसे उत्तम माना गया है। इस बार साध्य योग पड़ रहा है। ज्योतिषविद विमल जैन और आचार्य अमित मिश्र ने बताया कि पुष्य नक्षत्र कर्क राशि में 24 अक्तूबर को सुबह 6:16 बजे से 25 को सुबह 7:40 बजे तक रहेगा।
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यानी साध्य योग के साथ ही गुरुवार का दिन होने से गुरु की भी कृपा रहेगी। जबकि, साध्य योग भी 24 अक्तूबर को सूर्योदय से अगले दिन सुबह तक रहेगा। ऐसे में ये दिन खरीदारी के लिए मंगल रहेगा। इस दौरान गृह प्रवेश, नई दुकान, प्रतिष्ठान का उद्घाटन, नए बर्तन, जमीन खरीदने, सोना, चांदी आदि आभूषण की खरीदारी का उत्तम योग है।
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अभिजीत मुहूर्त (दिन में 11:36 बजे से 12:24 बजे) में खरीदारी व उद्घाटन आदि करना अच्छा माना जाता है। उन्होंने बताया कि रवि व गुरु पुष्य नक्षत्र तंत्र साधक के लिए भी उत्तम होता है। ऊर्जा में वृद्धि के लिए साधक अपने आराध्य देवों की उपासना व आराधना करेंगे।

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