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प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए आकर्षक बनाया जा रहा दीनदयाल हस्तकला संकुल का इंटीरियर
Mon, 24 Dec 2018 10:39 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Mon, 24 Dec 2018 10:39 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में बड़ालालपुर में स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल जल्द ही नए कलवेर में नजर आएगा। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मद्देनजर दीनदयाल हस्तकला संकुल का इंटीरियर आकर्षक बनाया जा रहा है।
वस्त्र संग्रहालय में कालीन प्रदर्शनी का दायरा बढ़ाया जाएगा। दुकानों पर विशिष्ट उत्पाद लगाने के साथ ही खूबसूरती के लिए डिजाइनरों की मदद ली जा रही है। प्रवासी सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे।
काशी की कला व शिल्प से उन्हें रूबरू कराने के लिए वस्त्र मंत्रालय ने कसरत शुरू कर दी है। हस्तकला संकुल नए रंग में दिखे, इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यहां शिल्पियों व निर्यातकों के लिए एलॉट दुकानों के साथ संकुल के इंटीरियर को नया लुक देने का काम चल रहा है।
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काउंटर व डिस्प्ले को लेकर भी माथापच्ची की जा रही है। दुकानों के अलावा ओपन एरिया में लाइव प्रदर्शन की व्यवस्था हो रही है। कालीन के डिजिटल डिस्प्ले के अलावा भदोही की नायाब कालीन का प्रदर्शन भी यहां किया जाएगा। इसके लिए डिस्प्ले एरिया बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर गलियारों में 100 से ज्यादा पेंटिंग लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से काशी की कला व संस्कृति की खूबसूरती दिखाई जा सके।
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वस्त्र संग्रहालय में कालीन प्रदर्शनी का दायरा बढ़ाया जाएगा। दुकानों पर विशिष्ट उत्पाद लगाने के साथ ही खूबसूरती के लिए डिजाइनरों की मदद ली जा रही है। प्रवासी सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे।
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काशी की कला व शिल्प से उन्हें रूबरू कराने के लिए वस्त्र मंत्रालय ने कसरत शुरू कर दी है। हस्तकला संकुल नए रंग में दिखे, इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यहां शिल्पियों व निर्यातकों के लिए एलॉट दुकानों के साथ संकुल के इंटीरियर को नया लुक देने का काम चल रहा है।
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काउंटर व डिस्प्ले को लेकर भी माथापच्ची की जा रही है। दुकानों के अलावा ओपन एरिया में लाइव प्रदर्शन की व्यवस्था हो रही है। कालीन के डिजिटल डिस्प्ले के अलावा भदोही की नायाब कालीन का प्रदर्शन भी यहां किया जाएगा। इसके लिए डिस्प्ले एरिया बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर गलियारों में 100 से ज्यादा पेंटिंग लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से काशी की कला व संस्कृति की खूबसूरती दिखाई जा सके।
अहमदाबाद की तर्ज पर विकसित होगा फूड स्ट्रीट
खानपान की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। संकुल में बने फूड कोर्ट में काशी की गलियों के प्रसिद्ध खानपान के साथ ही फूड स्ट्रीट को भी शामिल किया जाएगा। इसको लेकर काम शुरू हो गया है।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले विकसित किए जाने वाले फूड स्ट्रीट को अहमदाबाद की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए मंडलायुक्त के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम अहमदाबाद के फूड स्ट्रीट को समझने के लिए गई है।
इसके अलावा रिवर फ्रंट को टीम देखेगी और उससे वरुणा नदी के लिए संभावना तलाशी जाएगी। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्व्नाथ कॉरिडोर का डिजाइन करने वाली कंपनी अहमदाबाद में है। वहा अपनी तैयारी का प्रस्तुतीकरण करेगी।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले विकसित किए जाने वाले फूड स्ट्रीट को अहमदाबाद की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए मंडलायुक्त के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम अहमदाबाद के फूड स्ट्रीट को समझने के लिए गई है।
इसके अलावा रिवर फ्रंट को टीम देखेगी और उससे वरुणा नदी के लिए संभावना तलाशी जाएगी। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्व्नाथ कॉरिडोर का डिजाइन करने वाली कंपनी अहमदाबाद में है। वहा अपनी तैयारी का प्रस्तुतीकरण करेगी।