काशी विश्वनाथ धाम: बाबा के दरबार में तैयार होगा भक्तों का डाटा, गिनती के लिए लगेंगी मशीनें
काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके बाद से बाबा के भव्य दरबार को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्री काशी विश्वनाथ धाम अब भक्तों का डाटा भी तैयार करेगा। धाम के लोकार्पण के बाद मंदिर में भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। श्रद्धालुओं की गिनती के लिए स्वचालित मशीनें बाबा के दरबार में लगाई जाएंगी। मंदिर प्रशासन ने मशीनों का आर्डर जारी कर दिया है और सप्ताह भर के अंदर मंदिर परिसर में मशीनों को लगा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धाम का 13 दिसंबर को लोकार्पण किया था। इसके बाद बाबा के नव्य और भव्य धाम को देखने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ रहा है। हालत यह है कि पहले रविवार को ही भक्तों का आंकड़ा डेढ़ लाख के पार पहुंच गया था।
डीएफएमडी और पुजारी बताते हैं श्रद्धालुओं का आंकड़ा
बाबा विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ केवल सावन के महीने में, महाशिवरात्रि या रंगभरी एकादशी पर ही होती है। अब तक मंदिर प्रशासन डीएफएमडी तथा पुजारियों से बातचीत के आधार पर ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा जारी करता रहा है।
पढ़ेंः नए साल के जश्न पर रात्रि कर्फ्यू का ग्रहण, होटलों और रेस्टोरेंट में कार्यक्रम की बुकिंग होने लगी निरस्त
मंदिर परिसर के लिए चारों द्वार से मिल रहा प्रवेश
पूरा काशी विश्वनाथ धाम देखने के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ का सरस्वती फाटक खुल गया। ज्ञानवापी के बाद सरस्वती फाटक से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। बाबा के धाम के निर्माण के कारण तीन सालों से सरस्वती फाटक बंद चल रहा था।
बिना मास्क के प्रवेश नहीं
मंदिर प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बिना मास्क के प्रवेश मंदिर में नहीं मिलेगा और सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। लिहाजा आस्थावान दशाश्वमेध से त्रिपुरभैरवी गली से होते हुए बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं। भक्तों को मंदिर चौक तक जाने की छूट मिल रही है।