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जल्द शुरू हो सकता है दशाश्वमेध प्लाजा का निर्माण, अगले हफ्ते टेंडर
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वाराणसी। दशाश्वमेध घाट पर बनने वाले प्लाजा का निर्माण जल्द ही शुरू होने वाला है। इसके लिए अगले सप्ताह वीडीए टेंडर करने जा रहा है। निर्माण में राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण की बाधा भी दूर हो गई है। प्राधिकरण ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। 26.5 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत दशाश्वमेध घाट के साइकिल स्टैंड पर प्लाजा का निर्माण होगा। कार्यदाई संस्था वीडीए होगा, जबकि पैसा स्मार्ट सिटी योजना से मिलेगा।
वीडीए वीसी राहुल पांडेय ने बताया कि भवन एलजीएफ व यूजीएफ की तर्ज पर बनेगा। इसमें करीब 180 दुकानें बनेंगी, जो वहां पहले से पटरी पर दुकानें संचालित करते थे, उन्हें इसमें शिफ्ट किया जाएगा। ऐसा करने के पीछे मंशा है कि उनका रोजगार चलने के साथ ही वहां का अतिक्रमण समाप्त हो जाएगा, जिससे सड़क चौड़ी हो जाएगी। एक फ्लोर पर टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर बनेगा, जहां श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का हेल्प डेस्क बनने के अलावा स्मार्ट सिटी का कार्यालय बनेगा। कार्यालय का ऊपरी भवन पूर्णतया ओपेन होगा, जहां बाद में रेस्टोरेंट व कैफेटेरिया के अलावा खाने-पीने के सामानों के लिए आवंटित किया जाएगा।
एचएफएल समिति का निर्णय भी शीघ्र
इस प्रोजेक्ट को शुरू कराने से पहले नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा से भी अनुमति लेनी होगी। उसके पहले इस प्रोजेक्ट को कमिश्नर की अध्यक्षता वाली एचएफएल (हाई फ्लड लेवल) समिति के समक्ष भी पेश किया जाएगा। करीब 20 सदस्यीय समिति की मंजूरी के बाद इस काम को परवान चढ़ाया जाएगा।
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वीडीए वीसी राहुल पांडेय ने बताया कि भवन एलजीएफ व यूजीएफ की तर्ज पर बनेगा। इसमें करीब 180 दुकानें बनेंगी, जो वहां पहले से पटरी पर दुकानें संचालित करते थे, उन्हें इसमें शिफ्ट किया जाएगा। ऐसा करने के पीछे मंशा है कि उनका रोजगार चलने के साथ ही वहां का अतिक्रमण समाप्त हो जाएगा, जिससे सड़क चौड़ी हो जाएगी। एक फ्लोर पर टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर बनेगा, जहां श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का हेल्प डेस्क बनने के अलावा स्मार्ट सिटी का कार्यालय बनेगा। कार्यालय का ऊपरी भवन पूर्णतया ओपेन होगा, जहां बाद में रेस्टोरेंट व कैफेटेरिया के अलावा खाने-पीने के सामानों के लिए आवंटित किया जाएगा।
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एचएफएल समिति का निर्णय भी शीघ्र
इस प्रोजेक्ट को शुरू कराने से पहले नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा से भी अनुमति लेनी होगी। उसके पहले इस प्रोजेक्ट को कमिश्नर की अध्यक्षता वाली एचएफएल (हाई फ्लड लेवल) समिति के समक्ष भी पेश किया जाएगा। करीब 20 सदस्यीय समिति की मंजूरी के बाद इस काम को परवान चढ़ाया जाएगा।
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