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Varanasi News: शाम चार बजे से सात बजे तक तीन घंटे बंद रहेंगे तीन द्वार से दर्शन
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संस्कृति संसद के तहत होने वाले संत समागम में संतों की भीड़ को देखते हुए आम दर्शनार्थियों का प्रवेश ढुंढिराज और नंदू फारिया गली से होगा। शाम को तीन घंटे तक श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के गंगा द्वार, सरस्वती फाटक और गेट नंबर चार से आम दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि संस्कृति संसद के संत समागम में बृहस्पतिवार को देशभर से महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, संत और विद्वान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ का महा रुद्राभिषेक करेंगे। दर्शनार्थियों को शाम चार बजे से लेकर सात बजे तक केवल नंदू फारिया गली और ढुंढिराज प्रवेश द्वार से ही प्रवेश मिलेगा। संत समागम में संतों की संख्या ज्यादा है। दूसरा, इनके दर्शन-पूजन में व्यवधान न हो, इसके लिए श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के गंगा द्वार, सरस्वती फाटक और गेट नंबर चार से आम दर्शनार्थियों को तीन घंटे प्रवेश नहीं मिलेगा। दर्शनार्थी केवल ढुंढिराज और नंदू फारिया गली से मंदिर में प्रवेश करेंगे और गर्भगृह के पश्चिमी गेट से बाबा के दर्शन कर सकेंगे। बाकी गर्भगृह के तीन द्वारों से संतों का पूजन चलेगा। पूजन के दौरान ही उपराष्ट्रपति का भी आगमन है, ऐसे में इन दोनों बड़े आयोजनों के संपन्न होने के पश्चात सभी गेट आम दर्शनार्थियों के लिए खोले जाएंगे। संतों के होने वाले इस महारुद्र अभिषेक को लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष तैयारी की गई है।
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि संस्कृति संसद के संत समागम में बृहस्पतिवार को देशभर से महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, संत और विद्वान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ का महा रुद्राभिषेक करेंगे। दर्शनार्थियों को शाम चार बजे से लेकर सात बजे तक केवल नंदू फारिया गली और ढुंढिराज प्रवेश द्वार से ही प्रवेश मिलेगा। संत समागम में संतों की संख्या ज्यादा है। दूसरा, इनके दर्शन-पूजन में व्यवधान न हो, इसके लिए श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के गंगा द्वार, सरस्वती फाटक और गेट नंबर चार से आम दर्शनार्थियों को तीन घंटे प्रवेश नहीं मिलेगा। दर्शनार्थी केवल ढुंढिराज और नंदू फारिया गली से मंदिर में प्रवेश करेंगे और गर्भगृह के पश्चिमी गेट से बाबा के दर्शन कर सकेंगे। बाकी गर्भगृह के तीन द्वारों से संतों का पूजन चलेगा। पूजन के दौरान ही उपराष्ट्रपति का भी आगमन है, ऐसे में इन दोनों बड़े आयोजनों के संपन्न होने के पश्चात सभी गेट आम दर्शनार्थियों के लिए खोले जाएंगे। संतों के होने वाले इस महारुद्र अभिषेक को लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष तैयारी की गई है।
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