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फरार रईस बनारसी पर गहराया शक
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 10 Nov 2015 02:16 AM IST
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भाजपा पार्षद शिव सेठ हत्याकांड में रईस बनारसी और संतोष शुक्ला के नाम खुलकर सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो दो लाख रुपये के लिए रईस और संतोष ने हत्या की है या अपने गुर्गों से कराई है।
पुलिस को घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल चुके हैं। जल्द ही पुलिस मामले का खुलासा कर सकती है।
रामापुरा वार्ड से भाजपा पार्षद शिव सेठ की मंगलवार की रात महमूरगंज क्षेत्र में तुलसीपुर स्थित मोतीझील के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में पता चला घटना की जड़ गोलू यादव हत्याकांड है।
लक्सा निवासी गोलू ने शिव सेठ के चचेरे भाई नागेंद्र की लबे सड़क पिटाई की थी। गोलू से बदला लेने के लिए नागेंद्र ने जिला जेल में बंद रईस से संपर्क किया गया था। दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
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रईस ने गोलू को मारने का काम संतोष को दिया। 30 जुलाई को संतोष ने गोलू की हत्या कर दी। हत्या के समय नागेंद्र भी मौजूद था। वारदात को अंजाम देने के बाद नागेंद्र रुपये देने में आनाकानी कर रहा था।
इस पर रईस और संतोष ने शिव सेठ पर दबाव बनाया लेकिन उसने सीधे मना कर दिया तो मामला उलझ गया। इसके बाद शिव की हत्या कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दो लाख रुपये के लिए शिव की हत्या की गई है।
पुलिस का अनुमान है कि शिव की हत्या रईस और संतोष ने ही की है। बता दें कि जिला जेल से फतेहगढ़ जेल ले जाते समय रईस बनारसी 23 अक्तूबर को शाहजहांपुर में पुलिस कस्टडी से भाग गया था।
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पुलिस को घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल चुके हैं। जल्द ही पुलिस मामले का खुलासा कर सकती है।
रामापुरा वार्ड से भाजपा पार्षद शिव सेठ की मंगलवार की रात महमूरगंज क्षेत्र में तुलसीपुर स्थित मोतीझील के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में पता चला घटना की जड़ गोलू यादव हत्याकांड है।
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लक्सा निवासी गोलू ने शिव सेठ के चचेरे भाई नागेंद्र की लबे सड़क पिटाई की थी। गोलू से बदला लेने के लिए नागेंद्र ने जिला जेल में बंद रईस से संपर्क किया गया था। दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
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रईस ने गोलू को मारने का काम संतोष को दिया। 30 जुलाई को संतोष ने गोलू की हत्या कर दी। हत्या के समय नागेंद्र भी मौजूद था। वारदात को अंजाम देने के बाद नागेंद्र रुपये देने में आनाकानी कर रहा था।
इस पर रईस और संतोष ने शिव सेठ पर दबाव बनाया लेकिन उसने सीधे मना कर दिया तो मामला उलझ गया। इसके बाद शिव की हत्या कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दो लाख रुपये के लिए शिव की हत्या की गई है।
पुलिस का अनुमान है कि शिव की हत्या रईस और संतोष ने ही की है। बता दें कि जिला जेल से फतेहगढ़ जेल ले जाते समय रईस बनारसी 23 अक्तूबर को शाहजहांपुर में पुलिस कस्टडी से भाग गया था।