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बनारस में जारी है रंगदारी वसूलने का खेल, यूपी पुलिस की निगरानी फेल
क्राइम डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 24 Sep 2018 01:11 PM IST
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यूपी पुलिस
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पुलिस की सतर्कता, सर्विलांस और मुखबिरों के जाल के बावजूद बनारस में रंगदारी वसूलने के खेल पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। वाराणसी जेल में निरुद्ध और जमानत पर छूटे बदमाश बेखौफ तरीके से बिल्डरों, उद्यमियों व डॉक्टरों से रंगदारी वसूल रहे हैं और पुलिस तमाशबीन बन कर रह जा रही है।
बीते 14 सितंबर को दशाश्वमेध क्षेत्र के पतालेश्वर मुहल्ले में 50 हजार के इनामी बदमाश रईस बनारसी और राकेश अग्रहरि एक-दूसरे की पिस्टल की गोली का निशाना बने, इसकी अहम वजह दालमंडी के एक बिल्डर से रंगदारी वसूलने को लेकर दोनों के बीच की रार थी। इन सबके बावजूद पुलिस इस संबंध में कोई ठोस उपाय नहीं कर पा रही है।
आदमपुर थाना क्षेत्र निवासी व्यापारी से बीते हफ्ते गाजीपुर जेल में निरुद्ध एक बदमाश ने रंगदारी मांगी थी। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से तफ्तीश की तो इसकी तस्दीक हुई। यह प्रकरण अभी शांत नहीं हुआ था कि तब तक डीरेका के एक ठेकेदार से जमानत पर बाहर चल रहे बदमाश द्वारा रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया।
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इसी बीच बदमाश सलमान उर्फ अन्ना द्वारा दालमंडी के व्यापारी से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। इससे पहले जिला जेल से बदमाश संतोष शुक्ला द्वारा लक्सा के व्यापारी से रंगदारी मांगी गई। संतोष शुक्ला की लगातार शिकायतों के बाद उसे दूसरे जनपद की जेल में शिफ्ट कर दिया गया। इसी तरह लखनऊ जेल से पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के गुर्गे द्वारा जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी से रंगदारी मांगी गई।
वहीं, शिवपुर क्षेत्र निवासी चिकित्सक से रंगदारी मांगे जाने के मामले का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्राप्त शिकायतों पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही इस संबंध में क्राइम ब्रांच को अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए बदमाशों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
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बीते 14 सितंबर को दशाश्वमेध क्षेत्र के पतालेश्वर मुहल्ले में 50 हजार के इनामी बदमाश रईस बनारसी और राकेश अग्रहरि एक-दूसरे की पिस्टल की गोली का निशाना बने, इसकी अहम वजह दालमंडी के एक बिल्डर से रंगदारी वसूलने को लेकर दोनों के बीच की रार थी। इन सबके बावजूद पुलिस इस संबंध में कोई ठोस उपाय नहीं कर पा रही है।
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आदमपुर थाना क्षेत्र निवासी व्यापारी से बीते हफ्ते गाजीपुर जेल में निरुद्ध एक बदमाश ने रंगदारी मांगी थी। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से तफ्तीश की तो इसकी तस्दीक हुई। यह प्रकरण अभी शांत नहीं हुआ था कि तब तक डीरेका के एक ठेकेदार से जमानत पर बाहर चल रहे बदमाश द्वारा रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया।
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इसी बीच बदमाश सलमान उर्फ अन्ना द्वारा दालमंडी के व्यापारी से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। इससे पहले जिला जेल से बदमाश संतोष शुक्ला द्वारा लक्सा के व्यापारी से रंगदारी मांगी गई। संतोष शुक्ला की लगातार शिकायतों के बाद उसे दूसरे जनपद की जेल में शिफ्ट कर दिया गया। इसी तरह लखनऊ जेल से पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के गुर्गे द्वारा जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी से रंगदारी मांगी गई।
वहीं, शिवपुर क्षेत्र निवासी चिकित्सक से रंगदारी मांगे जाने के मामले का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्राप्त शिकायतों पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही इस संबंध में क्राइम ब्रांच को अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए बदमाशों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
अगले वर्ष बनारस में बढ़ेगी पुलिसकर्मियों की संख्या
अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में वीआईपी दौरों की संख्या बढ़ेगी। इसे देखते हुए शासन स्तर से जिले में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसी क्रम में डीजीपी की ओर से जिले में अतिरिक्त 254 कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। जल्द ही दरोगा, इंस्पेक्टर और डिप्टी एसपी को भी तैनात किया जाएगा।
इन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी वीआईपी दौरों के लिए लगाई जाएगी और इन्हें रिजर्व में रखा जाएगा। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि वीआईपी ड्यूटी के कारण जिला पुलिस का कामकाज प्रभावित होता है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए आगामी दिनों में प्रधानमंत्री के साथ ही अन्य मंत्रियों और नेताओं के दौरे बढ़ेंगे।
इसे देखते हुए डीजीपी ने जिले में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही डीजीपी ने सर्कुलर जारी कर कहा है कि जो पुलिसकर्मी वाराणसी तबादला चाहते हैं वो अपना आवेदन सीधे कार्मिक विभाग को भेज सकते हैं।
इन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी वीआईपी दौरों के लिए लगाई जाएगी और इन्हें रिजर्व में रखा जाएगा। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि वीआईपी ड्यूटी के कारण जिला पुलिस का कामकाज प्रभावित होता है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए आगामी दिनों में प्रधानमंत्री के साथ ही अन्य मंत्रियों और नेताओं के दौरे बढ़ेंगे।
इसे देखते हुए डीजीपी ने जिले में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही डीजीपी ने सर्कुलर जारी कर कहा है कि जो पुलिसकर्मी वाराणसी तबादला चाहते हैं वो अपना आवेदन सीधे कार्मिक विभाग को भेज सकते हैं।