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फिर भड़की गैंगवार की चिंगारी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 05 Feb 2016 01:53 AM IST
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चेतगंज के चउरछटवा इलाके में बुधवार की रात गोदौलिया के गेस्ट हाउस संचालक सुजीत कुमार घोष को नहीं बल्कि हैदर अली हत्याकांड के आरोपी पार्षद अरशद खां उर्फ विक्की को लक्ष्य कर गोली मारी गई थी। निशाना चूकने के चलते दो गोली गेस्ट हाउस संचालक सुजीत कुमार घोष को लगी, जबकि एक गोली विक्की को लगी। गैंगवार से जुड़ी इस वारदात ने पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं।
पता चला है कि बीते साल मारे गए बदमाश हैदर अली के गुट के लोगों ने ही फरार हत्यारोपी पार्षद अरशद खां उर्फ विक्की पर गोली चलाई। निजी डॉक्टरों के यहां इलाज के बाद भी खून का रिसाव बंद न होने पर पार्षद विक्की को जब देर रात मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल ले आया गया तो गोलीकांड की पूरी कहानी पुलिस के सामने आई।
चेतगंज थाना क्षेत्र के चउरछटवा में बुधवार रात पियरी से अपने एक परिचित के अंतिम संस्कार से लौट रहे बाइक सवार गेस्ट हाउस संचालक सुजीत कुमार घोष उर्फ बाबूलाल (50) को बदमाशों ने गोली मार दी थी। रात में ही मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए सुजीत के पेट में लगी दो गोली में से एक आसानी से निकल गई जबकि दूसरी को ऑपरेशन कर निकाला गया। सुजीत और उनकी पत्नी नेहा ने बताया कि उनका कोई दुश्मन नहीं है और गोली क्यों मारी गई, इसके बारे में वे नहीं जानते हैं।
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पुलिस तफ्तीश में जुटी हुई थी कि देर रात खून से लथपथ बेनियाबाग पार्षद अरशद खां उर्फ विक्की भी उसी अस्पताल में पहुंचा। हैदर अली हत्याकांड के बाद से विक्की फरार चल रहा था। पुलिस ने विक्की के अस्पताल पहुंचते ही उसे हिरासत में लेकर उपचार शुरू कराया। गोली विक्की की कमर में लगी थी। विक्की ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने पियरी गया था। वापसी में चउरछटवा में हैदर गैंग से जुड़े लोगों ने उस पर हमला कर दिया।
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पता चला है कि बीते साल मारे गए बदमाश हैदर अली के गुट के लोगों ने ही फरार हत्यारोपी पार्षद अरशद खां उर्फ विक्की पर गोली चलाई। निजी डॉक्टरों के यहां इलाज के बाद भी खून का रिसाव बंद न होने पर पार्षद विक्की को जब देर रात मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल ले आया गया तो गोलीकांड की पूरी कहानी पुलिस के सामने आई।
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चेतगंज थाना क्षेत्र के चउरछटवा में बुधवार रात पियरी से अपने एक परिचित के अंतिम संस्कार से लौट रहे बाइक सवार गेस्ट हाउस संचालक सुजीत कुमार घोष उर्फ बाबूलाल (50) को बदमाशों ने गोली मार दी थी। रात में ही मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए सुजीत के पेट में लगी दो गोली में से एक आसानी से निकल गई जबकि दूसरी को ऑपरेशन कर निकाला गया। सुजीत और उनकी पत्नी नेहा ने बताया कि उनका कोई दुश्मन नहीं है और गोली क्यों मारी गई, इसके बारे में वे नहीं जानते हैं।
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पुलिस तफ्तीश में जुटी हुई थी कि देर रात खून से लथपथ बेनियाबाग पार्षद अरशद खां उर्फ विक्की भी उसी अस्पताल में पहुंचा। हैदर अली हत्याकांड के बाद से विक्की फरार चल रहा था। पुलिस ने विक्की के अस्पताल पहुंचते ही उसे हिरासत में लेकर उपचार शुरू कराया। गोली विक्की की कमर में लगी थी। विक्की ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने पियरी गया था। वापसी में चउरछटवा में हैदर गैंग से जुड़े लोगों ने उस पर हमला कर दिया।