सोनभद्र नरसंहार : एसआईटी टीम हर बिंदुओं पर कर रही जांच, प्रधान की निकलेगी कॉल डिटेल
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सोनभद्र जिले के उभ्भा गांव में आदर्श कृषि सहकारी समिति की भूमि पर कब्जा करने ग्राम प्रधान किसी अधिकारी या नेता की शह पर गया था या नहीं, इसकी भी जांच शुरू हो गई है। एसआईटी टीम ने दस लोगों की हत्या के जिम्मेदार प्रधान और उसके कुछ साथियों की कॉल डिटेल पता करने में जुट गई है।
इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अभियुक्तों ने विवादित भूमि पर कब्जा करने से पूर्व या विवाद करने के बाद किन-किन अधिकारी व नेताओं से वार्ता किया था। मंगलवार को चुर्क गेस्ट हाउस में एसआईटी के डीआईजी ने राजस्व विभाग से जुड़े कई अफसर और कर्मियों से समिति की भूमि संबंधित पत्रावलियों के बारे में पूछताछ की। कुछ ग्रामीणों का भी बयान दर्ज किया गया।
17 जुलाई को उभ्भा गांव में आदर्श कषि सहकारी समिति की विवादित भूमि पर कब्जा करने के लिए समर्थकों के साथ दर्जनों ट्रैक्टर के साथ ग्राम प्रधान यज्ञदत्त पहुंचा था। ट्रैक्टरों ने खेत की जुताई शुरू की तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इसको लेकर दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे। प्रधान पक्ष के लोगों ने बंदूक और लाठी-डंडे से दस आदिवासियों की हत्या और दो दर्जन से अधिक लोगों को घायल कर दिया।
घटना को अंजाम देने के बाद सभी फरार हो गए। इस मामले में पुलिस मुख्य अभियुक्त ग्राम प्रधान समेत 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर फरार अभियुक्तों की तलाश कर रही है। सीएम के निर्देश पर उभ्भाकांड की जांच कर रहे डीआईजी एसआईटी जे रविंद्र गौड़ की अगुवाई में दस सदस्यीय टीम रविवार से जिले में पहुंच कर साक्ष्य एकत्र कर रही है।
सूत्रों की मानें तो मंगलवार को चुर्क स्थित एक एक गेस्ट हाउस में दिनभर एसआईटी टीम बंजर की जमीन समिति को कैसे दी गई, कोर्ट में विवाद था तो किस अधिकारी, नेता की शह पर विवादित भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया आदि बिंदुओं पर जांच करती रही।
इस संबंध में उभ्भा के कई ग्रामीणों से भी पूछताछ की गई। अब तक जांच करने से मिले साक्ष्य के बाद एसआईटी मुख्य अभियुक्त समेत अन्य के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी निकलवाने की तैयारी में जुट गई है। कॉल डिटेल से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है घटना के लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार है। सूत्रों की मानें तो मुकदमे में नामजद कुछ पुलिस कर्मियों का भी बयान दर्ज किया गया है। टीम में शामिल एएसपी अमृता मिश्रा, इंस्पेक्टर विनोद तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी अलग-अलग तथ्य एकत्र करने में जुटे रहे।