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एक तरफ चल रहीं थी बुआ की शादी की रश्में, उधर हत्यारों ने मासूम भतीजे को दी दर्दनाक मौत
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:21 PM IST
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घटना स्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस के एक घर में एक तरफ जहां शादी को लेकर जश्न मनाया जा रहा था वहीं दूसरी तरफ उसी घर के एक मासूम को मौत के घाट उतारा जा रहा था। हत्यारों ने तो बेरहमी की हद ही पार कर दी। उन्होंने मासूम के गुप्तांग पर चाकू से वार करने के बाद एसिड उड़ेला और फिर गला दबाकर मार डाला।
शुक्रवार को घर से लगभग पांच सौ मीटर दूर मासूम का खून से लथपथ शव मिला तो परिजन और ग्रामीण भड़क गए। सूचना पाकर जंसा सहित चार थानों की फोर्स पहुंची लेकिन परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए देने को तैयार ही नहीं थे।
उनका कहना था कि गुरुवार की रात ही बच्चे के गायब होने की सूचना दी गई थी लेकिन जंसा पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जिला पंचायत सदस्य हर्षवर्धन सिंह और ग्राम प्रधान कुंवर प्रताप सिंह के समझाने पर परिजन किसी तरह से शांत हुए तब जाकर दोपहर 12 बजे पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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वारदात को लेकर मासूम के पिता की तहरीर पर उसके छोटे भाई की पत्नी, पत्नी के पिता और दो अज्ञात के खिलाफ जंसा थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
दानूपुर गांव निवासी मोहन बनवासी की बहन सोनी की गुरुवार को शादी थी। देर शाम मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के छतेरी गांव से बारात आई। रात लगभग आठ बजे द्वारचार की रस्म शुरू हुई तो मोहन बनवासी का बेटा आशीष अपनी मां शीला की गोद में बैठा था। इसके बाद आशीष डीजे देखने चला गया और इसके बाद उसका पता नहीं लगा।
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शुक्रवार को घर से लगभग पांच सौ मीटर दूर मासूम का खून से लथपथ शव मिला तो परिजन और ग्रामीण भड़क गए। सूचना पाकर जंसा सहित चार थानों की फोर्स पहुंची लेकिन परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए देने को तैयार ही नहीं थे।
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उनका कहना था कि गुरुवार की रात ही बच्चे के गायब होने की सूचना दी गई थी लेकिन जंसा पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जिला पंचायत सदस्य हर्षवर्धन सिंह और ग्राम प्रधान कुंवर प्रताप सिंह के समझाने पर परिजन किसी तरह से शांत हुए तब जाकर दोपहर 12 बजे पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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वारदात को लेकर मासूम के पिता की तहरीर पर उसके छोटे भाई की पत्नी, पत्नी के पिता और दो अज्ञात के खिलाफ जंसा थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
दानूपुर गांव निवासी मोहन बनवासी की बहन सोनी की गुरुवार को शादी थी। देर शाम मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के छतेरी गांव से बारात आई। रात लगभग आठ बजे द्वारचार की रस्म शुरू हुई तो मोहन बनवासी का बेटा आशीष अपनी मां शीला की गोद में बैठा था। इसके बाद आशीष डीजे देखने चला गया और इसके बाद उसका पता नहीं लगा।
अपनों पर संदेह
मृतक आशीष का आधार कार्ड
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही रात भर खोजबीन की। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे खेत में काम करने गई एक युवती ने आशीष का लहूलुहान शव पड़ा देखा तो शोर मचाते हुए भागी।
हत्या की जानकारी पाकर एसपी ग्रामीण, सीओ सदर और चार थानों की फोर्स डॉग स्क्वॉड के साथ पहुंचे तो परिजनों से उनकी जमकर झड़प हुई। सभी का कहना था कि मौके पर डीएम और एसएसपी को बुलाया जाए और जंसा थाने के पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए।
मां शीला का आरोप है कि उसकी देवरानी मंजू, उसके पिता द्वादशी बनवासी और भाई ने आशीष को अगवा कर हत्या की है। मोहन ने बताया कि उसके भाई राजेश की शादी जंसा थाना के सत्तनपुर गांव निवासी द्वादशी बनवासी की बेटी मंजू से पांच साल पहले हुई थी।
शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा है और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया है। एक माह पहले मंजू ने धमकी दी थी कि आशीष को मार डालेंगे। इस संबंध में एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में छापामारी की जा रही है।
हत्या की जानकारी पाकर एसपी ग्रामीण, सीओ सदर और चार थानों की फोर्स डॉग स्क्वॉड के साथ पहुंचे तो परिजनों से उनकी जमकर झड़प हुई। सभी का कहना था कि मौके पर डीएम और एसएसपी को बुलाया जाए और जंसा थाने के पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए।
मां शीला का आरोप है कि उसकी देवरानी मंजू, उसके पिता द्वादशी बनवासी और भाई ने आशीष को अगवा कर हत्या की है। मोहन ने बताया कि उसके भाई राजेश की शादी जंसा थाना के सत्तनपुर गांव निवासी द्वादशी बनवासी की बेटी मंजू से पांच साल पहले हुई थी।
शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा है और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया है। एक माह पहले मंजू ने धमकी दी थी कि आशीष को मार डालेंगे। इस संबंध में एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में छापामारी की जा रही है।
जैसे-तैसे संपन्न कराई गई शादी की रस्म
demo pic
मासूम आशीष गायब हुआ तो घराती-बाराती दोनों पक्ष परेशान हो गए और उसकी खोजबीन शुरू कर दिए। शुक्रवार की भोर पुरोहित ने दूल्हे अनिल के हाथों दुल्हन सोनी की मांग में सिंदूर भरवा कर शादी की रस्म पूरी कराई। इसके साथ ही दुल्हन को विदा किया गया।
आशीष का शव मिलने की जानकारी पाकर सोनी वापस अपने ससुराल से मायके आई। परिजनों ने बताया कि दो भाई और दो बहन में सबसे छोटा आशीष गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने जाता था।
उधर, दानूपुर गांव के मासूम आशीष की हत्या से परिजन ही नहीं दानूपुर के ग्रामीण भी दुख के साथ गुस्से में दिखे। पिता मोहन ने कहा कि रात एक बजे हम लोग जंसा थाने जाकर बच्चे के गायब होने की जानकारी देकर मुकदमा लिखने को कहे तो पुलिस ने टरका कर वापस भेज दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि सूचना मिलने के साथ ही पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद मासूम की जान बच जाती। सभी का कहना था कि मासूम की हत्या की कसूरवार जंसा थाने की पुलिस भी है।
परिजनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि इंस्पेक्टर जंसा और थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए। वहीं, इंस्पेक्टर जंसा का कहना था कि बच्चे के गायब होने की सूचना थाने पर नहीं दी गई थी।
आशीष का शव मिलने की जानकारी पाकर सोनी वापस अपने ससुराल से मायके आई। परिजनों ने बताया कि दो भाई और दो बहन में सबसे छोटा आशीष गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने जाता था।
उधर, दानूपुर गांव के मासूम आशीष की हत्या से परिजन ही नहीं दानूपुर के ग्रामीण भी दुख के साथ गुस्से में दिखे। पिता मोहन ने कहा कि रात एक बजे हम लोग जंसा थाने जाकर बच्चे के गायब होने की जानकारी देकर मुकदमा लिखने को कहे तो पुलिस ने टरका कर वापस भेज दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि सूचना मिलने के साथ ही पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद मासूम की जान बच जाती। सभी का कहना था कि मासूम की हत्या की कसूरवार जंसा थाने की पुलिस भी है।
परिजनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि इंस्पेक्टर जंसा और थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए। वहीं, इंस्पेक्टर जंसा का कहना था कि बच्चे के गायब होने की सूचना थाने पर नहीं दी गई थी।