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दहेज के लिए पत्नी को जिंदा जलाया, अब जिंदगी भर भुगतनी होगी ये सजा
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 08 Jun 2017 06:08 PM IST
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यूपी के मिर्जापुर में ससुरालियों ने दहेज के लिए दुल्हन को जिंदा जला दिया था। वे दहेज में टीवी और बाइक देने की मांग कर रहे थे। करीब पांच साल पहले हुई इस घटना में अब अदालत ने ऐसी सजा सुनाई है कि दहेज हत्यारे जिंदगी भर याद रखेंगे।
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अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट देवकांत शुक्ला ने पत्नी की हत्या का जुर्म साबित होने पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
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अभियोजन अनुसार अदलहाट थाना क्षेत्र के गौरी गांव निवासी रामआशीष की बहन छाया की शादी घटना से तीन वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के ही बरईपुर गांव निवासी रविशंकर पुत्र रामकरन बियार के साथ किया था। शादी में उपहार के रूप में काफी सामान दिया था। फिर भी ससुरालीजन दहेज में टीवी व बाइक की मांग को लेकर उसकी बहन को आए दिन मारते पीटते तथा प्रताड़ित करते थे।
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बाइक और टीवी न मिलने पर दस सितंबर 2012 को मिट्टी का तेल छिड़क कर जिंदा जला दिया था। पूरी तरह से जलने के कारण उसे बनारस के कबीर चौरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया था। उक्त घटना की जानकारी होने पर वादी मुकदमा रामआशीष अस्पताल पहुंचा तो ससुराली वहां से गायब हो गए।
19 सितंबर को छाया की उपचार के दौरान मौत होने पर भाई ने अदलहाट थाने में तहरीर देकर पति रविशंकर, ससुर रामकरन, सास कुमारी देवी के खिलाफ दहेज समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दिया था।
अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश यादव ने सात गवाह प्रस्तुत कराये। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने पति रविशंकर को पत्नी की निर्मम हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। वहीं सास ससुर को संदेह का लाभ देते हुए सभी धाराओं से दोषमुक्त कर दिया।