मिलीभगत से चलता है शराब सप्लाई करने का धंधा, एनएच-2 किनारे थाने-चौकियों के सिपाही रडार पर
शराब तस्करी कराने के आरोप में मुगलसराय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन सिपाहियों से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। इसके आधार पर भदोही, वाराणसी और चंदौली जिले में नेशनल हाईवे-दो के किनारे स्थित थानों और चौकियों पर तैनात चिह्नित सिपाही पुलिस अधिकारियों के रडार पर हैं। इन सिपाहियों की गोपनीय तरीके से जांच कराई जा रही है। साक्ष्य हाथ लगते ही कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा निर्मित शराब की तस्करी कराने के आरोप में मुगलसराय पुलिस द्वारा मंगलवार को रामनगर थाने के सिपाही वैभव कुमार यादव व सोनू यादव और वाराणसी पुलिस लाइन में तैनात अजीत यादव को गिरफ्तार किया गया था।
तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एडीजी जोन बृज भूषण के निर्देश पर पुलिसकर्मियों और हरियाणा के शराब सिंडिकेट की मिलीभगत से हो रही तस्करी की जांच एसपी चंदौली हेमंत कुटियाल को सौंपी गई है।
उधर, गिरफ्तार तीनों सिपाहियों ने पूछताछ में शराब तस्करों और पुलिसकर्मियों की सांठगांठ के बारे में अहम जानकारियां दीं। बताया कि इसमें सिर्फ वही नहीं, बल्कि नेशनल हाईवे के किनारे स्थित थानों और चौकियों पर तैनात कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
पशु और शराब तस्करी के आरोप में बर्खास्त सिपाहियों की मदद से हरियाणा में बैठे शराब सिंडिकेट के एजेंट हाईवे किनारे स्थित थानों और चौकियों के पुलिसकर्मियों के संपर्क में आए। माना जा रहा है कि एसपी चंदौली जब एडीजी को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे तो कुछ और पुलिसकर्मी भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
इंस्पेक्टर रामनगर की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट दें एएसपी :
रामनगर थाने के दो सिपाही शराब तस्करों के संपर्क में कब और कैसे आए। प्रकरण में इंस्पेक्टर रामनगर अनूप कुमार शुक्ला की क्या भूमिका रही। एसएसपी ने इस संबंध में एएसपी मोहम्मद मुश्ताक को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि एएसपी की जांच रिपोर्ट में जिस भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता उजागर होगी, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।