पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण में तैनात लेखपाल ने ऑफिस में की खुदकुशी
सदर कोतवाली क्षेत्र के शास्त्रीनगर मुहल्ला स्थित चकबंदी कार्यालय में बृहस्पतिवार सुबह संदिग्ध हालात में चकबंदी लेखपाल का शव पंखे से लटकता मिला। उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट से प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है।
आजमगढ़ जिले के महाराजंगज थाना के जमीरपुर गांव निवासी रामअवध यादव के पुत्र इंद्रेश यादव (30) की 2016 में चकबंदी लेखपाल पद पर गाजीपुर में तैनाती हुई थी। कुछ महीने पहले उसे और उसके साथी अनिल कुमार को मरदह के रायपुर बाघपुर में सिक्स लेन की जमीन की पैमाइश की जिम्मेदारी दी गई थी। कार्य अधिक होने और उसे समय से पूरा करने के लिए इंद्रेश ने चपरासी महेंद्र राम से कार्यालय की चाभी ले ली थी।
सुबह करीब दस बजे अनिल कुमार चकबंदी कार्यालय पहुंचा तो दरवाजा बंद मिला। उसने धक्का देकर दरवाजा खोला तो देखा कि सामने पंखे से रस्सी के सहारे इंद्रेश का शव लटक रहा था। अनिल के शोर मचाने पर भीड़ लग गई।
सूचना पर सदर क्षेत्राधिकारी ओजस्वी चावला, सदर कोतवाली पुलिस के साथ एसडीएम प्रभाष कुमार, एसपी सिटी प्रदीप दुबे भी पहुंच गए। तलाशी लेने पर इंद्रेश की जेब से सुसाइड नोट मिला।
पुलिस ने सूचना परिवार वालों को दी। इसके बाद परिवार के लोगों के साथ पत्नी रेनू यादव पहुंची। कोतवाल धनंजय मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर युवती के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।