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प्रेमिका के गांव में खुद को मार ली गोली
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 12 May 2016 01:56 AM IST
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प्रेमिका के गांव में खुद को मार ली गोली
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युवती का अपहरण कर उसके परिवारवालों से फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद हाल ही में जेल से छूटे सेना के सिपाही विजय बहादुर सिंह (30) ने बुधवार की दोपहर युवती के ही गांव धनेसरी में खुद को गोली से उड़ा दिया। उसने देसी पिस्टल से अपनी कनपटी पर गोली मारी।
सूचना पाकर पहुंची बड़ागांव पुलिस ने पिस्टल बरामद करने के साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। विजय बहादुर देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के करौता का रहने वाला था। बताया जाता है कि अपहरण के मामले में वाराणसी कचहरी में ही उसकी पेशी थी। वहीं से लौटकर वह धनेसरी गांव पहुंचा था।राजस्थान में आर्मी में तैनात रहे विजय बहादुर सिंह के खिलाफ बीते साल 30 अक्तूबर को बड़ागांव थाना क्षेत्र की एक युवती का अपहरण कर उसके पिता से फिरौती मांगने का मामला दर्ज हुआ था।
बड़ागांव पुलिस ने कानपुर से युवती को बरामद कर विजय बहादुर सिंह को जेल भेज दिया था। बीते 14 अप्रैल को वह जमानत पर छूटा था। वह शादीशुदा था। परिवार में पत्नी और एक बच्चा है। गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस को बताया था कि फेसबुक के माध्यम से युवती से उसकी दोस्ती हुई थी।
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दोनों में करीबियां बढ़ीं और फिर उन्होंने साथ जीने-मरने की कसम खाई। उसने कहा था कि यदि वह प्रेम में असफल रहा तो प्रेमिका के गांव में ही जान दे देगा। हालांकि, बड़ागांव पुलिस की सूचना पर मौके पर पहुंचे विजय बहादुर के पिता कैलाश सिंह ने पुलिस को तहरीर दी कि पारिवारिक कलह की वजह से उसने आत्महत्या की है।
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सूचना पाकर पहुंची बड़ागांव पुलिस ने पिस्टल बरामद करने के साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। विजय बहादुर देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र के करौता का रहने वाला था। बताया जाता है कि अपहरण के मामले में वाराणसी कचहरी में ही उसकी पेशी थी। वहीं से लौटकर वह धनेसरी गांव पहुंचा था।राजस्थान में आर्मी में तैनात रहे विजय बहादुर सिंह के खिलाफ बीते साल 30 अक्तूबर को बड़ागांव थाना क्षेत्र की एक युवती का अपहरण कर उसके पिता से फिरौती मांगने का मामला दर्ज हुआ था।
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बड़ागांव पुलिस ने कानपुर से युवती को बरामद कर विजय बहादुर सिंह को जेल भेज दिया था। बीते 14 अप्रैल को वह जमानत पर छूटा था। वह शादीशुदा था। परिवार में पत्नी और एक बच्चा है। गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस को बताया था कि फेसबुक के माध्यम से युवती से उसकी दोस्ती हुई थी।
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दोनों में करीबियां बढ़ीं और फिर उन्होंने साथ जीने-मरने की कसम खाई। उसने कहा था कि यदि वह प्रेम में असफल रहा तो प्रेमिका के गांव में ही जान दे देगा। हालांकि, बड़ागांव पुलिस की सूचना पर मौके पर पहुंचे विजय बहादुर के पिता कैलाश सिंह ने पुलिस को तहरीर दी कि पारिवारिक कलह की वजह से उसने आत्महत्या की है।