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पूर्व मंत्री ने फोन पर धमकी देकर मांगा बालू ठेके का कमीशन, पुलिस ने कार्रवाई की बजाय साधी चुप्पी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:12 PM IST
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सूबे के एक पूर्व रसूखदार मंत्री ने बालू के ठेके के टेंडर के कमीशन के लिए बनारस के जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी अरविंद तिवारी को फोन किया। कमीशन न देने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।
इस मामले की शिकायत तिवारी ने दशाश्वमेध थाने पर की तो पुलिस कार्रवाई की बजाय उन्हें टरकाते हुए चुप्पी साध गई। इसके बाद तिवारी ने मुख्यमंत्री, डीजीपी और गृह सचिव को पत्र भेजकर जानमाल की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता तिवारी ने बताया, 2014 का बालू खनन का सोनभद्र का टेंडर उन्हें मिला था। पर्यावरण वगैरह की एनओसी लेने में देर हो गई। जब वह काम शुरू कराने गए तो पता चला कि नई खनन नीति के तहत टेंडर निरस्त हो गया है।
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इसी बीच बीते नौ जून को उनके मोबाइल पर कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पूर्व मंत्री बताते हुए कहा कि सोनभद्र में खनन का जो टेंडर तुम्हें मिला था, उसका कमीशन हमें अब तक नहीं मिला है।
लखनऊ जेल आकर कमीशन का पैसा देकर जाओ नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना। इस दौरान गालीगलौज कर बार-बार देख लेने की धमकी दी गई।
धमकी भरी कॉल से भयभीत होकर उन्होंने दशाश्वमेध थाने पर कार्रवाई की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया तो आईजी रेंज से मिले। इसके बाद भी कॉल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और न ही उनकी सुरक्षा का मुकम्मल इंतजाम किया गया।
इस संबंध में आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने बताया कि मामला संज्ञान में आया था। पूर्व एसएसपी को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
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इस मामले की शिकायत तिवारी ने दशाश्वमेध थाने पर की तो पुलिस कार्रवाई की बजाय उन्हें टरकाते हुए चुप्पी साध गई। इसके बाद तिवारी ने मुख्यमंत्री, डीजीपी और गृह सचिव को पत्र भेजकर जानमाल की गुहार लगाई है।
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शिकायतकर्ता तिवारी ने बताया, 2014 का बालू खनन का सोनभद्र का टेंडर उन्हें मिला था। पर्यावरण वगैरह की एनओसी लेने में देर हो गई। जब वह काम शुरू कराने गए तो पता चला कि नई खनन नीति के तहत टेंडर निरस्त हो गया है।
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इसी बीच बीते नौ जून को उनके मोबाइल पर कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पूर्व मंत्री बताते हुए कहा कि सोनभद्र में खनन का जो टेंडर तुम्हें मिला था, उसका कमीशन हमें अब तक नहीं मिला है।
लखनऊ जेल आकर कमीशन का पैसा देकर जाओ नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना। इस दौरान गालीगलौज कर बार-बार देख लेने की धमकी दी गई।
धमकी भरी कॉल से भयभीत होकर उन्होंने दशाश्वमेध थाने पर कार्रवाई की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया तो आईजी रेंज से मिले। इसके बाद भी कॉल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और न ही उनकी सुरक्षा का मुकम्मल इंतजाम किया गया।
इस संबंध में आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने बताया कि मामला संज्ञान में आया था। पूर्व एसएसपी को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।