शर्मनाक : बलिया में भाई ने कुल्हाड़ी से बहन को काट डाला, तंत्र-मंत्र का शक
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दोकटी थाना क्षेत्र के सूर्य भानपुर गांव में रविवार के दिन अर्धविक्षिप्त बहन को उसके भाई ने धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। छोटी बहन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वहीं आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त गड़ासे को भी बरामद किया। मृतका की बहन गायत्री की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर छानबीन में जुट गई।
सूर्य भानपुर गांव निवासी स्व. रामविचार पांडेय की अर्द्धविक्षिप्त लड़की तुलसी देवी (45) पत्नी गोपाल तिवारी अपने मायके में रविवार की सुबह छत पर बैठी हुई थी। इसी बीच उसका सगा भाई दिवाकर पांडेय छत पर पहुंचा और बहन का मुंह बंदकर गड़ासे से उसके गर्दन पर तीन-चार बार वार कर दिया।
जिससे बहन तुलसी की मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन उसी घर में मौजूद उसकी मां और बहन को इसकी खबर तक नहीं लग पाई। हत्या का पता उस समय चला जब मृतिका की छोटी बहन गायत्री उर्फ बेबी अपनी बहन को दवा देने के लिए छत पर गई।
बहन को खून से लथपथ और मृत पाकर दौड़ी वह अपने मां के पास गई और रो-रोकर घटना की जानकारी दी। मां-बेटी की चीत्कार सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। गायत्री ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही लालगंज चौकी प्रभारी जगदीश विश्वकर्मा हमराहियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
गांव वालों की सहायता से आरोपी भाई को पकड़ लिया। वहीं हत्या में प्रयुक्त गड़ासे को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। इसके बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच हत्या की जानकारी ली। बहन गायत्री की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया।
मृतका के आंगन में दर्जनों मिले ताबिज
घर आंगन में दर्जनों ताबीज लटके हुए मिले थे। गांव वालों की माने तो यह हत्या तंत्र-मंत्र की ही देन है। मृतका की मां गीता देवी ने बताया कि तंत्र-मंत्र से हत्या नहीं हुई है। पता नहीं क्यों बेटे ने ही बेटी की हत्या कर दी। यह मेरे भी समझ में नहीं आ रहा है, कहकर रोने लगी।
दोकटी थाना क्षेत्र के सूर्यभानपुर निवासी स्व. रामकवल राय की छोटी बेटी गीता देवी की शादी बैरिया थाना क्षेत्र के नवरंगा निवासी रामविचार पांडेय के साथ हुई थी। गीता के भाई न होने के कारण उसके पिता ने अपने दामाद व बेटी को यही पर रख लिया। जहां गीता का पूरा परिवार वर्षों से मायके में रहते है।
गीता देवी के पति सीआरपीएफ के जवान थे। गीता देवी के तीन पुत्र और तीन बेटियां थी। जिसमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी थी। इसमें माझिल बहन की मौत पूर्व में हो चुकी है। जबकि दूसरी अर्द्ध विक्षिप्त बहन गीता, छोटी बहन गायत्री और भाई दिवाकर पांडेय घर पर रहते थे।
वहीं बड़े भाई की मौत वर्ष 2010 में संदिग्धावस्था में हो गई थी। सबसे छोटा भाई मानसिक रूप से बीमार है। जिसके पैर में बेड़िया लगी हुई है। ग्रामीणों की माने तो गीता देवी के पति की मृत्यु वर्ष 2004 में संदिग्धावस्था में हो गई थी।
ग्रामीणों की माने तो गायत्री की शादी बिहार प्रांत के भोजपुर जिला के शाहपुर थाना क्षेत्र के बरिसवन गांव निवासी गोपाल तिवारी से हुई थी। पति ने कतिपय कारणों से अपनी पत्नी तुलसी को छोड़ दिया था। तब से तुलसी अपने मायके में ही रहती थी।