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चंदौली में अल्ट्रासोनिक मशीन से टकराई ट्रेन
ब्यूरो,अमर उजाला,चंदौली
Updated Sat, 11 Feb 2017 08:35 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नई दिल्ली से पुरी जा रही नीलांचल एक्सप्रेस ट्रेन विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से शनिवार दोपहर बाद तीन बजे रेलवे स्टेशन के पास अल्ट्रासोनिक मशीन से टकरा गई। मशीन पर बैठे पीडब्लूआई के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसी तरह कूदकर जान बचाई। घटना के चलते 35 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही।
नीलांचल एक्सप्रेस ट्रेन निर्धारित समय से 17 घंटे की देरी से दोपहर सवा दो बजे मुगलसराय से रवाना हुई। सैयदराजा में ट्रेन का ठहराव न होने से उसे थ्रू लाइन दिया गया था, लेकिन उसी लाइन पर पीडब्लूआई के लोग अल्ट्रासोनिक मशीन से पटरियों की जांच कर रहे थे।
ट्रेन आने की सूचना पर भी मशीन पटरी से नहीं हटाई गई। 110 की गति से चल रही ट्रेन के चालक ने स्टेशन के पास पटरी पर अल्ट्रासोनिक मशीन देखी तो हार्न दिया, लेकिन मशीन नहीं हटी। इस पर चालक गोमो आरबी सिंह ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया लेकिन ट्रेन रुकते-रुकते अल्ट्रासोनिक मशीन से टकरा गई।
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हालांकि इससे पहले ही मशीन पर बैठे पांच-छह विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कूदकर किसी तरह जान बचा ली। टक्कर के बाद मशीन इंजन में फंस गई। चालक ने इसकी सूचना कंट्रोल को दी। इसके बाद मशीन को इंजन से अलग किया गया।
इसके चलते 35 मिनट बाद ट्रेन रवाना हुई। गौरतलब है कि दो फरवरी को मुगलसराय में हृदयपुर के समीप पिकअप, मालगाड़ी से टकरा गई थी। तीन फरवरी को कुछमन रेलवे स्टेशन के समीप मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर मैजिक गाड़ी पंजाब मेल से टकरा गई थी।
मंडल रेल प्रबंधक किशोर कुमार ने कहा कि जांच के दौरान उसी पटरी पर ट्रेन का जाना गंभीर विषय है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नीलांचल एक्सप्रेस ट्रेन निर्धारित समय से 17 घंटे की देरी से दोपहर सवा दो बजे मुगलसराय से रवाना हुई। सैयदराजा में ट्रेन का ठहराव न होने से उसे थ्रू लाइन दिया गया था, लेकिन उसी लाइन पर पीडब्लूआई के लोग अल्ट्रासोनिक मशीन से पटरियों की जांच कर रहे थे।
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ट्रेन आने की सूचना पर भी मशीन पटरी से नहीं हटाई गई। 110 की गति से चल रही ट्रेन के चालक ने स्टेशन के पास पटरी पर अल्ट्रासोनिक मशीन देखी तो हार्न दिया, लेकिन मशीन नहीं हटी। इस पर चालक गोमो आरबी सिंह ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया लेकिन ट्रेन रुकते-रुकते अल्ट्रासोनिक मशीन से टकरा गई।
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हालांकि इससे पहले ही मशीन पर बैठे पांच-छह विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कूदकर किसी तरह जान बचा ली। टक्कर के बाद मशीन इंजन में फंस गई। चालक ने इसकी सूचना कंट्रोल को दी। इसके बाद मशीन को इंजन से अलग किया गया।
इसके चलते 35 मिनट बाद ट्रेन रवाना हुई। गौरतलब है कि दो फरवरी को मुगलसराय में हृदयपुर के समीप पिकअप, मालगाड़ी से टकरा गई थी। तीन फरवरी को कुछमन रेलवे स्टेशन के समीप मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर मैजिक गाड़ी पंजाब मेल से टकरा गई थी।
मंडल रेल प्रबंधक किशोर कुमार ने कहा कि जांच के दौरान उसी पटरी पर ट्रेन का जाना गंभीर विषय है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।