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सोनभद्र नरसंहार: दूसरे पक्ष के पूर्व प्रधान के बेटे समेत 90 लोगों पर होगा केस दर्ज

Wed, 02 Oct 2019 06:13 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 02 Oct 2019 06:13 PM IST
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case filed against 90 people other sides in ghorawal sonbhadra massacre
सोनभद्र नरसंहार के दौरान के फोटो। - फोटो : अमर उजाला

सोनभद्र जिले के उभ्भा गांव में भूमि विवाद को लेकर 11 लोगों की हुई हत्या के मामले में दूसरे पक्ष के पूर्व प्रधान बहादुर गोड़ के बेटे रामराज समेत 90 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। सिविल जज सीनियर डिवीजन/ एसीजेएम कोर्ट ने पीड़िता देवकली की प्रार्थना पत्र की सुनवाई करने के बाद मंगलवार को घोरावल एसओ को सुसंगत धाराओं में केस दर्ज करने का आदेश दिया है। पीड़िता का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने उसकी तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं किया।

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अधिवक्ता शेष नारायण उर्फ बबलू दीक्षित मुताबिक सपही गांव निवासी देवकली पत्नी निधिदत्त ने कोर्ट में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता के मुताबिक उसके परिवार और पट्टीदार के लोगों ने उभ्भा में जमीन बैनामा लिया है। उसकी जमीन पर गोड़ बिरादरी के लोग कब्जा करने की फिराक में है। मना करने पर वे लोग गड़ासा, तीर, धनुष लेकर विवाद करने पर उतारू हो जाते हैं।
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17 जुलाई को उसके पति पांच-छह ट्रैक्टर से खेत की जुताई करने जमीन पर गए थे। उसी वक्त गांव और बाहर के करीब सौ लोग लाठी-डंडे, तीर-धनुष, कुल्हाड़ी, गड़ासा से मेरे पति, के अलावा देवदत्त, प्रमोद, ओम प्रकाश, अशर्फी, राकेश, धर्मेद्र को ट्रैक्टरों से खींचकर मारने लगे। भय देखकर मेरे पति और देवदत्त ने असलहों से हवाई फायरिंग करना शुरू कर दिया, तब जाकर हमलावर भागे। इसके पति समेत अन्य सभी लोग घायलवस्था में ट्रैक्टरों को वहीं छोड़ कर जान बचाकर भागकर अपना इलाज कराया।

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इस बचाव में गोली लगने से पता चला की कई लोगों की मौत हो गई है। प्रधान यज्ञदत्त, कोमल सिंह, राजकुमार सहित परिवार के अन्य सदस्य घर पर नहीं थे, लेकिन राजनीतिक दबाव में पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा है और गलत नामजदगी दिखाकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने तमाम निर्दोषों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया है। जबकि इसी घटना से संबंधित मेरी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

कोर्ट ने घोरावल एसओ को पूर्व प्रधान के बेटे रामराज, रामपति, कैलाश, अनिल, विजय, रामशकल, जगवंत, श्रीराम, हरिशंकर, संतोष, कालीचरण, बसंत, संतलाल, रामा सिंह, अमर, छोटेलाल, रामबली, रामप्यारे, दिनेश, जंगी सिंह, रामकिशुन, रामलाल, बहादुर, महेंद्र, दादे, बबुंदर, श्रीप्रसाद, गोविंद, जयश्याम, राम, हरेधर, मीनवा, सुरेश, सुरेंद्र, जितेंद्र, भगावन, केरवा, बालकिशुन, मोहन, जयप्रकाश, रामधीन, चंद्र बहादुर, भगवत, गुड्डू, सोमा शंकर, संतू, अनीता, शांति, नंदलाल, रामजी, छोटेलाल, मुन्नीलाल, इंद्रदेव, छोटेलाल, भोला और 30-35 अज्ञात के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विधिनुसार विवेचना करने या कराने का आदेश दिया है।

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