लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे प्रेमी युगल की हत्या, जमीन और दीवार से सिर लड़ाकर वारदात को दिया अंजाम
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे प्रेमी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के नारघाट दलित बस्ती में बुधवार की देर रात मकान के अंदर महिला और उसके साथ लिव इन रिलेशन में रह रहे युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। दोनों का गला कस कर जमीन और दीवार से सिर-लड़ाकर हत्या की गई है।
गुरुवार सुबह दरवाजा ना खुलने पर मोहल्ले वालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा खोला तो घर के अंदर दोनों का शव पड़ा मिला। मौके पर पहुंचे एसपी अवधेश पांडेय, एएसपी प्रकाश स्वरूप पांडेय, सीओ सदर संजय सिंह की टीम के साथ पड़ताल की। डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक की टीम ने भी साक्ष्य इकट्ठा किए। शाम को डीआईजी पीयूष श्रीवास्तव भी मौके पर जाकर छानबीन किया। पुलिस लूट और संपत्ति विवाद को लेकर मामले की जांच कर रही है।
क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय संगीता देवी की शादी कटरा कोतवाली क्षेत्र के दक्षिण फाटक निवासी गणेश शांतुवाला से 2009 में हुई थी। शादी के छह माह बाद ही दोनों अलग हो गए। इसके बाद 2011 से संगीता 34 वर्षीय सुनील मोदनवाल निवासी इमामबाड़ा के साथ अपने मकान में लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगी थी।
संगीता मकान में रहकर चुनरी बनाने का कार्य करने के साथ परचून की दुकान चलाती थी। इसके अलावा आलमारी बनवाने का भी कार्य करती थी। उसकी दुकान देर रात 12 बजे बंद होती थी और सुबह छह बजे खुल जाती थी। गुरुवार की सुबह छह बजे दुकान नहीं खुली तो मोहल्ले वालों ने पुलिस को सूचना दी।
शहर कोतवाल राजकुमार सिंह और 100 डायल की पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा खोलवाया तो अंदर सामन बिखरा पड़ा था। दुकान के पीछे कमरे में दरवाजे के सामने महिला और बांयी ओर कोने में युवक का शव पड़ा था। फोरेंसिंक टीम ने साक्ष्य इकट्ठा किया और डाग स्क्वाड ने भी पड़ताल की। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। शहर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है।
मिर्जापुर के एसपी अवधेश पांडेय ने बताया कि महिला व उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवक की गला कसकर जमीन पर सिर पटककर हत्या की गई है। मामले में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम जांच कर रही है। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। परिजनों को सूचना देने के साथ छानबीन की जा रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
आधा किमी चलकर एक मकान पर रुका डॉग स्क्वाड :
डाग स्क्वाड मकान से बाहर निकलकर दक्षिण की ओर गई। मंदिर से होते हुए गली से गुजरकर बसंत इंटर कालेज रोड से आगे बढ़ते हुए पटनी मस्जिद के सामने स्थित एक मकान के पास रुक गई। मकान के पास एक आटो खड़ा था। स्क्वाड पहले वहां रुका फिर भौंकने लगा। क्राइम ब्रांच की टीम ने मकान मालिक को बुलाया। उससे पूछताछ कि तो पता चला उसका बड़ा पुत्र आलमारी का कार्य करता था। वह जहां कार्य करता था, पुलिस ने वहां भी पूछताछ की। मरने वाली महिला संगीता भी आलमारी बनवाती थी। इसलिए पुलिस इस पहलू को ध्यान में रखकर छानबीन की रही है।
फिल्ड यूनिट ने इकट्ठा किया साक्ष्य :
घटना के बाद मौके पर पहुंची फिल्ड यूनिट की टीम ने कमरे के अंदर खून, दीवार पर पड़े अंगुलियों के निशान, कैंची, दो मोबाइल आदि बरामद किए हैं। मेन गेट के पास पटिया पर गिरे खून के सैंपल को भी लिया। पुलिस के मुताबिक मोबाइल उन्हीं दोनों का है। सर्विलांस के जरिए उसकी भी काल डिटेल की पड़ताल की जाएगी।
अंदर कोने में दुबका रहा पालतू कुत्ता :
मर्जिापुर। महिला और युवक की हत्या के बाद पुलिस अंदर छानबीन के लिए घुसी तो सबसे अंतिम कमरे के अंदर कोने में पालतू कुत्ता टोनी दुबक कर कर बैठा था। पुलिस के घुसने के बाद भी उसने कोई शोर नहीं किया। पड़ोस की महिला उसे बुलाने के लिए गई फिर भी वह बाहर नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़कर बाहर निकाला।
लूट की गई या लूट का रूप दिया गया :
मिर्जापुर। महिला के घर में दुकान के पीछे कमरे में बायीं ओर बेड है। बेड के बगल कोने में युवक का शव मिला। बीच में गेट के सामने महिला का शव और कमरे के दूसरी ओर कोने में रखी आलमारी का सारा सामान बिखरा हुआ था। आलमारी का बिखरा सामान देखने से लगा रहा था कि लूट को भी अंजाम दिया गया। आलमारी से क्या गायब हुआ यह महिला ही बता सकती थी। यह भी हो सकता है कि हत्या करने वाले आलमारी का सामान बिखराकर यह दर्शाना चाहते हो की लूट के लिए हत्या हुई है।
हत्या हुई और सामने किसी को पता नहीं चला :
मिर्जापुर। महिला की हत्या बुधवार की रात करीब 12 बजे के बाद ही हुई। महिला का मकान काफी बड़ा है। उसके मकान के सामने चार-पांच मकान है। इसमें अधिकांश पर सुबह ताला लगा हुआ था। एक मकान से महिला निकली तो बताया कि रात भर बारिश हो रही थी। उसे कोई जानकारी नहीं है कि रात में क्या हुआ।
दरवाजे को अंदर से बंद करने के लिए लगाई थी कैंची :
महिला और युवक की हत्या करने वाले मेन गेट से ही अंदर घुसे और बाहर भी निकले। दरवाजा अंदर से बंद था। सुबह पुलिस पहुंची तो बाहर से ही हाथ डालकर अंदर से बंद दरवाजे को खोला।दरवाजा बंद रहे इसलिए कुंडी में कपड़ा काटने में प्रयुक्त कैंची को फंसाया गया था। कैंची में भी खून लगा था। दरवाजे के पास भी खून गिरा था। मकान की छत का दरवाजा अंदर से बंद था। इससे लग रहा है कि हत्या करने के लिए हत्यारों ने बाहर से ही कैंची फंसाया होगा। इसलिए कमरे से निकलने के बाद खोजी कुतिया भी छत की ओर नहीं गई, वह घर से सड़क की ओर गई।
मूलरूप से राजस्थान के थे संगीता के पिता :
मूल रूप राजस्थान के अलवर निवासी दुर्गा प्रसाद का शहर कोतवाली के नारघाट में पुश्तैनी मकान है। दुर्गा प्रसाद के चचिया ससुर सज्ज्न धानुका का मकान भी पास में है। उन्होंने बताया कि दुर्गा प्रसाद को दो पुत्र और दो पुत्री हैं। इसमें एक पुत्र अरुण की मौत हो चुकी है। दूसरा पुत्र अमर मकान में अपना हिस्सा बेचकर सूरत में रहता है। बड़ी पुत्री किरन नागपुर में रहती है। संगीता अपने माता-पिता के साथ यहां रहती थी। 2009 में गणेश शांतुवाला से शादी की। उसके छह माह बाद दोनों अलग हो गए। मां-बाप की मौत के बाद संगीता सुनील के साथ रहने लगी। उसने सुनील से शादी की था या नहीं यह जानकारी नहीं।
हत्या में रहे होंगे दो से तीन लोग :
मिर्जापुर। पुलिस के मुताबिक महिला और युवक की कपड़े से गला कसने के साथ सिर को जमीन पर लड़ा कर हत्या की गई। दो लोगों की इस तरह से हत्या करना अकेले का काम नहीं है। ऐसे में निश्चित ही हत्यारे दो से तीन से अधिक संख्या में रहे होंगे।
सुनील के नाम पते को लेकर संशय :
महिला संगीता के साथ लिव इन रिलेशन में रह रहे सुनील मोदनवाल के नाम पते को लेकर भी संशय है। कुछ लोग उसे कटरा कोतवाली क्षेत्र के इमामबाड़ा निवासी बता रहे है। संगीता के दूर के रिश्तेदारों का कहना है कि सुनील का पुरा नाम सुनील अग्रवाल है। वह अलवर राजस्थान कर रहने वाला है। उसकी मां और भाई अलवर में ही रहते है। सुनील अलवर में किसी फैक्ट्री में काम करता था। नौ वर्ष से संगीता के साथ रह रहा था।
देर रात तक नशेड़ियों का लगता था जमावड़ा :
मिर्जापुर। संगीता की दुकान के बाहर देर रात तक नशेड़ियों का जमावड़ा लगता था। संगीता के मकान के बाहर बायीं ओर 50 मीटर दूर एक गली में देशी, अंग्रेजी शराब के साथ बीयर की दुकान है। लोग शराब की बोतल लेकर संगीता की दुकान पर सिगरेट और नमकीन आदि खरीदने आते थे। देर रात तक लोग दुकान के बाहर बैठे रहते थे।
करोड़ों की है संगीता की प्रापर्टी :
जिस मकान में संगीता रहती थी। वह 80 फिट चौड़ा और 35 फीट लंबा है। पीछे का हिस्सा उसका भाई बेच चुका है। मकान पुराने जमाने का दो मंजिला है। उसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। संपत्ति के लिए भी उसकी हत्या हो सकती है।