{"_id":"595675544f1c1b31788b4940","slug":"azamgarh-two-community-fight-after-goat-dispute","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़ः बकरी के विवाद में दो समुदायों में मारपीट व फायरिंग, चार घायल ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आजमगढ़ः बकरी के विवाद में दो समुदायों में मारपीट व फायरिंग, चार घायल
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Fri, 30 Jun 2017 09:37 PM IST
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तनाव को देखते हुए इसहाकपुर गांव में पुलिस और पीएसी तैनात
- फोटो : अमर उजाला
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पांच दिन पहले खेत में बकरी जाने को लेकर हुए विवाद में शुक्रवार को आजमगढ़ जिले के एक एक गांव में दो समुदायों में पथराव और फायरिंग हो गई। इसमें दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए। एक को पैर में गोली लगी है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।
मामले में प्रधान पति समेत 20 नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई और लापरवाही के आरोप में बीट दरोगा को निलंबित कर दिया गया।
इसहाकपुर गांव में 25 जून को हृदय नारायण राजभर के परिवार का बालक अभिषेक बकरी चरा रहा था। बकरी खेत में जाने पर तौकीर ने अभिषेक की पिटाई कर दी थी।
पुलिस ने मामले में सुलह करा दी थी। 27 जून को हृदय नारायण के परिवार के रंजीत को दूसरे पक्ष के लोगों ने घायल कर दिया। रंजीत का जौनपुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने तौकीर को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर दिया था। 29 जून की शाम तौकीर जमानत पर रिहा होकर घर पहुंचा।
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शुक्रवार सुबह आठ बजे तौकीर पक्ष का मो. अली बाजार से घर लौट रहा था। इसी दौरान रंजीत के दरवाजे के सामने उसके समर्थक मो. अली को पीटने लगे। इसको लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसी बीच किसी ने फायरिंग कर दी और गोली हृदय नारायण के पैर में लग गई। दोनों ओर से पथराव भी हुआ।
घटना में छोटेलाल, हृदय नारायण राजभर और दूसरे पक्ष से मो. अली और शमीम घायल हो गए। सूचना पर एसपी ग्रामीण, सीओ लालगंज, बरदह, देवगांव, गंभीरपुर, दीदारगंज थाने की पुलिस और पीएसी लेकर पहुंचे।
पुलिस ने घायलों को पीएचसी ठेकमा में भर्ती कराया। वहां से सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।
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मामले में प्रधान पति समेत 20 नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई और लापरवाही के आरोप में बीट दरोगा को निलंबित कर दिया गया।
इसहाकपुर गांव में 25 जून को हृदय नारायण राजभर के परिवार का बालक अभिषेक बकरी चरा रहा था। बकरी खेत में जाने पर तौकीर ने अभिषेक की पिटाई कर दी थी।
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पुलिस ने मामले में सुलह करा दी थी। 27 जून को हृदय नारायण के परिवार के रंजीत को दूसरे पक्ष के लोगों ने घायल कर दिया। रंजीत का जौनपुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने तौकीर को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर दिया था। 29 जून की शाम तौकीर जमानत पर रिहा होकर घर पहुंचा।
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शुक्रवार सुबह आठ बजे तौकीर पक्ष का मो. अली बाजार से घर लौट रहा था। इसी दौरान रंजीत के दरवाजे के सामने उसके समर्थक मो. अली को पीटने लगे। इसको लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसी बीच किसी ने फायरिंग कर दी और गोली हृदय नारायण के पैर में लग गई। दोनों ओर से पथराव भी हुआ।
घटना में छोटेलाल, हृदय नारायण राजभर और दूसरे पक्ष से मो. अली और शमीम घायल हो गए। सूचना पर एसपी ग्रामीण, सीओ लालगंज, बरदह, देवगांव, गंभीरपुर, दीदारगंज थाने की पुलिस और पीएसी लेकर पहुंचे।
पुलिस ने घायलों को पीएचसी ठेकमा में भर्ती कराया। वहां से सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।
दरोगा की लापरवाही से हुआ संघर्ष
बरदह थाना क्षेत्र के इसहाकपुर गांव में शुक्रवार सुबह दो समुदायों के बीच हुए खूनी संघर्ष में लापरवाही पाए जाने पर एसपी अजय साहनी ने बीट दरोगा विनोद सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
दोनों पक्षों में दो बार पहले भी मारपीट हुई थी, पांच दिन से तनाव था, लेकिन पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई थी। 25 जून को बकरी विवाग को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। मामला थाने पहुंचा तो बीट दरोगा ने कार्रवाई के बजाय सुलह करा दिया।
इसका फायदा उठाते हुए मनबढ़ों ने 27 जून को रंजीत राजभर को मारपीटकर घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल रंजीत का जौनपुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपी तौफिक और अन्य के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।
इससे दूसरे पक्ष में बदले की आग सुलग रही थी। शुक्रवार सुबह राजभर बस्ती को लोग विपक्ष के मो. अली को देखते ही उसपर टूट पड़े। परिणाम ये रहा कि दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। मारपीट के बाद फायरिंग और पथराव में चार लोग घायल हो गए।
ज्ञात हो कि इसहाकपुर में दो समुदायों के बीच बर्चस्व की जंग रहती है। अक्सर दोनों समुदाय के बीच मामूली सी बात पर नोंकझोंक और मारपीट की घटनाएं होती रहती है।
दोनों पक्षों में दो बार पहले भी मारपीट हुई थी, पांच दिन से तनाव था, लेकिन पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई थी। 25 जून को बकरी विवाग को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। मामला थाने पहुंचा तो बीट दरोगा ने कार्रवाई के बजाय सुलह करा दिया।
इसका फायदा उठाते हुए मनबढ़ों ने 27 जून को रंजीत राजभर को मारपीटकर घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल रंजीत का जौनपुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपी तौफिक और अन्य के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।
इससे दूसरे पक्ष में बदले की आग सुलग रही थी। शुक्रवार सुबह राजभर बस्ती को लोग विपक्ष के मो. अली को देखते ही उसपर टूट पड़े। परिणाम ये रहा कि दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। मारपीट के बाद फायरिंग और पथराव में चार लोग घायल हो गए।
ज्ञात हो कि इसहाकपुर में दो समुदायों के बीच बर्चस्व की जंग रहती है। अक्सर दोनों समुदाय के बीच मामूली सी बात पर नोंकझोंक और मारपीट की घटनाएं होती रहती है।