{"_id":"59bffcdc4f1c1b88688b5416","slug":"111505754332-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोनभद्र - पीडब्\nल्यूडी की खबर सोनभद्र से","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सोनभद्र - पीडब् ल्यूडी की खबर सोनभद्र से
Updated Mon, 18 Sep 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोनभद्र। बगैर टेंडर कराए बांड बनाकर सरकारी धन की लोक निर्माण विभाग में खूब बंदरबाट हुई है। गोलमाल की शिकायत अफसरों तक हुई मगर स्पष्टीकरण देने तक ही मामला सिमट कर रह गया। स्टेट लेविल चेकिंग में ग्रामीण मार्गों के ध्वस्तीकरण के तहत कार्यों का आगणन स्थलीय आवश्यकता के अनुरूप नहीं मिला। मुख्य अभियंता पंकज बकाया ने इस पर अधीक्षण अभियंता सोनभद्र को पत्र लिखा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोक निर्माण विभाग में सड़कों के निर्माण, मरम्मत के लिए बनाए जाने वाले स्टीमेट में भी खुला खेल होता रहा है। इसका खुलासा स्टेट लेवल चेकिंग में हुआ है। दरअसल चोपन ब्लॉक में स्थित अति क्षतिग्रस्त गुरदह संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए जो स्टीमेट तैयार किया गया वह मानक के अनुरूप नहीं था। विभाग के मुख्य अभियंता परिवाद लखनऊ एचएस शर्मा ने वाराणसी क्षेत्र के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर बताया था कि गुरदह संपर्क मार्ग की स्टेट लेवल जांच हुई थी। इसमें मार्ग के मरम्मत का कार्य स्वीकृत आगणन के प्रावधान के अनुरूप न कराने के लिए उत्तरदायी अधिशासी अभियंता बीडी गुप्ता, सहायक अभियंता एनएन उपाध्याय, अवर अभियंता डीएन राम एवं राजेश कुमार हैं। उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए पत्र जारी हुआ लेकिन मामला वहीं तक सिमट कर रह गया और जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्टेट लेवल जांच में गलत स्टीमेट का एक मामला पकड़ा गया लेकिन यदि अन्य सड़कों की स्थिति की जांच कराई जाए तो पता चलेगा कि विभाग के अभियंताओं ने नियम विरूद्घ ज्यादा रुपये का स्टीमेट तैयार कराया ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा सके।
लोक निर्माण विभाग में सड़कों के निर्माण, मरम्मत के लिए बनाए जाने वाले स्टीमेट में भी खुला खेल होता रहा है। इसका खुलासा स्टेट लेवल चेकिंग में हुआ है। दरअसल चोपन ब्लॉक में स्थित अति क्षतिग्रस्त गुरदह संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए जो स्टीमेट तैयार किया गया वह मानक के अनुरूप नहीं था। विभाग के मुख्य अभियंता परिवाद लखनऊ एचएस शर्मा ने वाराणसी क्षेत्र के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर बताया था कि गुरदह संपर्क मार्ग की स्टेट लेवल जांच हुई थी। इसमें मार्ग के मरम्मत का कार्य स्वीकृत आगणन के प्रावधान के अनुरूप न कराने के लिए उत्तरदायी अधिशासी अभियंता बीडी गुप्ता, सहायक अभियंता एनएन उपाध्याय, अवर अभियंता डीएन राम एवं राजेश कुमार हैं। उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए पत्र जारी हुआ लेकिन मामला वहीं तक सिमट कर रह गया और जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्टेट लेवल जांच में गलत स्टीमेट का एक मामला पकड़ा गया लेकिन यदि अन्य सड़कों की स्थिति की जांच कराई जाए तो पता चलेगा कि विभाग के अभियंताओं ने नियम विरूद्घ ज्यादा रुपये का स्टीमेट तैयार कराया ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा सके।
विज्ञापन