वाराणसी: पैसा डबल करने का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने वाला जालसाज गिरफ्तार, 10 हजार का था इनामी
फर्जी कंपनी बनाकर पैसा डबल करने का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी के पुलिस ने गिरफ्तार किया। वाराणसी और सोनभद्र में दर्ज 10 मुकदमों में आरोपी के ऊपर पुलिस ने 10 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।
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पैसा डबल करने का लालच देकर निवेशकों संग सौ करोड़ की धोखाधड़ी करने के आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। वाराणसी और सोनभद्र में दर्ज 10 मुकदमों में आरोपी के ऊपर पुलिस ने दस हजार का इनाम भी रखा था। ऑसम इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के जरिए पांच साल में धन दूना का लालच देकर निवेशकों का पैसा लेकर फरार था।
डीसीपी वरुणा जोन आदित्य लांग्हे के अनुसार धोखाधड़ी के दर्जन भर मुकदमों में वांछित वाराणसी के लोहता भिटारी निवासी कृष्ण कुमार वर्मा ने ऑसम इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी बनाई और फर्जी तरीके से पांच साल में धन दूना करने का झांसा देकर कलेक्टिव स्कीम के तहत लगभग सौ करोड़ रुपये जमा कराया।
दिल्ली और गुजरात में खरीदे महंगे फ्लैट
निवेशकों में विश्वास जमाने के लिए कंपनी में ही फर्जी बांड तैयार कर दिए, जो बैंकों की तरह ही दिखता था। बाद में पैसा निकालकर कंपनी बंद कर भाग निकला। निवेशकों के पैसे से महानगरों और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में महंगी जमीन खरीदे।
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बैंकों में जमा 25 करोड़ रुपये निकालकर दिल्ली और गुजरात में महंगे फ्लैट भी खरीदे। पूछताछ के दौरान सामने आया कि प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर, छपरा, गाजीपुर, सोनभद्र में भी जमीन खरीदा है। कैंट एसीपी लखन सिंह यादव के अनुसार वाराणसी और सोनभद्र के विभिन्न थानों में केके वर्मा के ऊपर 10 मुकदमे दर्ज हैं। कैंट इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
नीट सॉल्वर गिरोह के तीन सदस्यों की जमानत अर्जी खारिज
डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ल व एडीजीसी विनय सिंह के मुताबिक सारनाथ पुलिस ने सोनातालाब स्थित परीक्षा केंद्र से दूसरे के स्थान पर नीट पेपर दे रही जुली कुमारी को बीते वर्ष 12 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप था कि पैसे लेकर अयोग्य लोगों के स्थान पर सॉल्वर गैंग के सदस्यों की मिली भगत से परीक्षा में बैठी थी।
परीक्षा देते पकड़ी गई थी
गिरफ्तारी के बाद पटना निवासी जुली कुमारी ने स्वीकारा था कि वह बीएचयू में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसकी मां बबिता ने खगड़िया निवासी विकास महतो से पांच लाख में सौदा किया था, जिसमें से 50 हजार अग्रिम प्राप्त हो चुका था। जूली परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी हिना विश्वास के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ी गई और परीक्षा केंद्र के बाहर उसकी निशानदेही पर उसकी मां बबिता को गिरफ्तार किया गया था।
इसी मामले में अंतरराज्यीय गैंग से जुड़े विकास महतो के पास से मूल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र बरामद हुए थे। अदालत ने दोनों को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया कि समाज में इससे गलत संदेश जाएगा और राष्ट्रीय परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का काम किया गया।