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साजिश में शामिल दो बदमाश गिरफ्तार, हत्यारोपी फरार

Wed, 31 Jul 2019 01:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2019 01:54 AM IST
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वाराणसी। पहड़िया क्षेत्र की कृष्णा नगर कॉलोनी निवासी पाइप व्यवसायी धर्मेंद्र गुप्ता की हत्या और लूटपाट के मामले का आठ दिन बाद मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया। हत्या करने और लूटने वाले बदमाश तो हत्थे नहीं चढ़े, लेकिन साजिश में शामिल और बैकअप के लिए मौजूद रहे दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है।
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दोनों की शिनाख्त चौबेपुर के सिंह द्वार के प्रभु नारायण उर्फ प्रभु उर्फ बांगड़ और आशापुर बलुआ रोड के नीतिश पांडेय उर्फ हैप्पी के तौर पर हुई है। दोनों के पास से .32 बोर की देसी पिस्टल, दो कारतूस, बाइक और स्कूटी बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया गया। बीती 22 जुलाई की रात धर्मेंद्र की उनके घर के सामने हत्या कर बदमाश पांच लाख रुपये लूट लिए गए थे।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी के अनुसार, क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर सिगरा राजीव रंजन उपाध्याय को सूचना मिली थी कि वारदात की साजिश में शामिल रहे दो बदमाश हृदयपुर रिंग रोड पुलिया के पास मौजूद हैं। इस पर इंस्पेक्टर सारनाथ विजय बहादुर सिंह के साथ घेरेबंदी कर इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने प्रभु और हैप्पी को गिरफ्तार किया।
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पुलिस को दोनों ने बताया कि पुराने दोस्त बुद्धू सोनकर के बुलाने पर वह सरायमोहाना घाट पर 22 जुलाई को गए। वहां बुद्धू के दो और दोस्त मौजूद थे। तय हुआ कि धर्मेंद्र के घर जाने वाली गली के मोड़ पर हैप्पी और प्रभु खड़े रहेंगे। कोई आएगा तो दोनों उसे रोकेंगे और बुद्धू व उसके दोनों दोस्त व्यवसायी से बैग लूटेंगेे। बुद्धू और उसके दोनों साथियों ने फायरिंग कर लूटपाट की। इसके बाद सभी भाग निकले। बुद्धू ने कहा था कि यदि लूट में पांच लाख या इससे ऊपर मिले तो सभी को 80-80 हजार रुपये मिलेंगे। एसएसपी ने बताया कि बुद्धू और उसके दोस्तों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

परिजन पुलिस के खुलासे से असंतुष्ट
सारनाथ। व्यवसायी धर्मेंद्र गुप्ता के परिजन पुलिस के खुलासे से असंतुष्ट हैं। धर्मेंद्र के भाई दिलीप और सुरेंद्र ने कहा कि साजिश में कौन शामिल थे और किसने रेकी की, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। धर्मेंद्र की हत्या और लूटपाट करने वाले बदमाश गिरफ्तार हों, यह महत्वपूर्ण है। प्रकरण में किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाना चाहिए। जब तक भाई के हत्यारे और लूटपाट करने वाले गिरफ्तार नहीं होंगे, पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में रहेगी। उधर, मेडिकल मुआयना के लिए अस्पताल लाए गए हैप्पी और प्रभु ने कहा कि पुलिस के पास सीसी कैमरे की जो फुटेज है, उसमें वह दोनों नहीं हैं। सीसी कैमरे में कैद बदमाशों की कद-काठी हमसे बिल्कुल अलग हैं।
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