Varanasi News: गंगा किनारे 560 पाइलिंग पर खड़े होंगे अत्याधुनिक दो शवदाह स्थल, 20 महीने पहले शुरू हुआ था काम
Varanasi News: वाराणसी में मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर 20 महीने पहले मरम्मत का कार्य शुरू हुआ था। जिससे शवदाह करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। इसे लेकर सीएम योगी की हिदायत के बाद कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
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गंगा किनारे 560 पाइलिंग पर दो शवदाह स्थल खड़े होंगे। मणिकर्णिका घाट पर 270 और हरिश्चंद्र घाट पर 290 पाइलिंग कराई जाएगी। यहां 115 की पाइलिंग कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हिदायत के बाद अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों ने मिलकर काम को समय से पूरा कराने की कार्ययोजना बनाई है।
इन दिनों मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर काम नहीं हो रहा है। इससे दाह संस्कार करने वालों की परेशानी बढ़ गई है। 20 महीने पहले इन दोनों घाटों की मरम्मत शुरू की गई। काम बंद होने से दाह संस्कार के लिए आने वाले लोगों को अलावा आसपास के लोग भी परेशान हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि आखिर पुराने स्वरूप में ठीकठाक स्थिति में मौजूद घाट को छेड़ने की जरूरत क्या थी? कार्यदायी एजेंसी को मार्च 2025 तक कार्य को फाइनल करके दोनों महाश्मशान को हैंडओवर करना था। लेकिन पैसे का हवाला देकर कार्यदायी एजेंसी ने हाथ खड़े कर दिए थे।
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हरिश्चंद्र घाट पर 11 केवी लाइन की शिफ्टिंग अब तक नहीं हुई। दोनों घाटों पर पुराने स्वरूप को ध्वस्त कर उनका स्वरूप बदल दिया गया है। यहां पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि दोनों काम सीएसआर फंड से हो रहे हैं। हरिश्चंद्र का काम जेएसडब्ल्यू करा रही है जबकि मणिकर्णिका का काम रूपा फाउंडेशन की ओर से कराया जा रहा है।
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अधिकारियों ने बातचीत कर फंड जारी करवाने की बात कही है। मणिकर्णिका पर जेसीबी लगाकर समतलीकरण का काम कराया जा रहा है। हरिश्चंद्र पर भी एक सप्ताह के भीतर काम शुरू होगा। आम जनता को परेशानी न हो इसके लिए बैरिकेडिंग कराई गई है।