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बीएचयू में स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल: एमआरआई के लिए महीनों करना पड़ रहा इंतजार, मरीज बेहाल
Tue, 12 Apr 2022 01:21 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 01:21 AM IST
सार
बीएचयू अस्पताल में मरीजों की एमआरआई जांच के लिए ब्लड बैंक के पास बने सेंटर पर एक मशीन है, जिस पर जांच होती है। रात 10 बजे तक एमआरआई जांच की सुविधा है।
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सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू
- फोटो : फाइल
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विस्तार
बीएचयू अस्पताल में एमआरआई के लिए मरीजों को तीन से चार महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां अप्रैल महीने में तबीयत खराब हुई तो डाक्टर के पर्चे पर लिखने के बाद भी बाद भी जुलाई में एमआरआई का नंबर मिल रहा है। दरअसल एक ही मशीन पर दोगुना दबाव है।
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ओपीडी में डॉक्टर को दिखाकर जब मरीज एमआरआई कराने सेंटर पर पहुंच रहे हैं तो उनको 2200 रुपये जमा करने और चार महीने बाद जुलाई में आने को कहा जा रहा है। इस वजह से गंभीर मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रहा है।
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क्या है हकीकत
बीएचयू अस्पताल में मरीजों की एमआरआई जांच के लिए ब्लड बैंक के पास बने सेंटर पर एक मशीन है, जिस पर जांच होती है। रात 10 बजे तक एमआरआई जांच की सुविधा है। औसतन 40 से 45 एमआरआई हर दिन होती है। इसमें 8 से 10 इमरजेंसी के मरीज होते हैं। हर दिन 80 से 90 मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। एक एमआरआई जांच में औसतन 20 से 25 मिनट का समय लगता है। मरीजों को तीन महीने का इंतजार करना उनकी मजबूरी भी है। ऐसा इसलिए कि सेंटर पर मशीन लंबे समय से एक ही लगी है। दो मशीन कब तक लगेगी, यह तय नहीं है।
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पांच से दस हजार में बाहर होती है जांच
बीएचयू अस्पताल में एमआरआई जांच की फीस 2200 रुपये हैं लेकिन यहां तीन से चार महीने बाद की डेट मिलने के कारण बहुत से गंभीर मरीजाें के परिजन जैसे-तैसे बाहर जांच कराते हैं। हालांकि बाहर जांच कराने की फीस पांच से दस हजार रुपये लगती है। बीमारी को ठीक कराने के कारण मरीज के परिजनों की जांच कराना मजबूरी है। हालांकि इस तरह की समस्या लंबे समय से है लेकिन कब तक इसका समाधान होगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
केस-1
मंडुवाडीह निवासी 32 वर्षीय मरीज ने 8 अप्रैल को आयुर्वेद संकाय में शल्य तंत्र विभाग में चिकित्सक को दिखाया। उन्होंने एमआरआई कराने को कहा। मरीज के परिजन जांच केंद्र पर एमआरआई कराने का फार्म और ओपीडी का पर्चा लेकर पहुंचे। यहां मौजूद कर्मचारी ने फार्म पर 18 जुलाई को सुबह 8.30 बजे सुबह 2200 रुपये जांच फीस जमा कर आने को कहा। इस पर परिजन चिंतित हो गए।
केस-2
बलिया की एक लड़की स्त्री रोग विभाग में नौ अप्रैल को दिखाने आई। चिकित्सक ने एमआरआई कराने को कहा। जांच केंद्र पर मरीज को 19 जुलाई की सुबह 8.30 बजे का समय मिला है। परिजनों ने पहले समय देने की मांग की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वे लड़की को लेकर घर चले गए हैं।
बीएचयू के जांच केंद्र में एमआरआई की एक ही मशीन है। इस पर प्रतिदिन 40 से 45 मरीजों की एमआरआई होती है। हर दिन जांच के लिए आने वाले मरीजों की संख्या एमआरआई की क्षमता से दोगुनी है। यही कारण है मरीजों को नंबर दिया जाता है।
दबाव कम करने के लिए कुछ लोगों को ट्रामा सेंटर भी भेजा जाता है। जल्द ही 3 टेस्ला एमआरआई की एक और मशीन लगने वाली है। इसके बाद दबाव कम होगा।- डॉ. आशीष वर्मा, विभागाध्यक्ष, रेडियोलॉजी विभाग, बीएचयू