कोरोना के योद्धा: दिनभर कोरोना वायरस से जंग, रात कट रही अस्पताल में
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कोरोना वायरस से जंग लड़ने वाले बहुत से ऐसे लोग हैं, जो मरीजों की सेवा में तो दिन रात लगे हैं लेकिन अपनों से लंबे समय से उनकी मुलाकात नहीं हो पा रही है। इसे संक्रमण का डर कह ले या फिर खुद की सुरक्षा को लेकर सतर्कता। अमर उजाला के कॉलम कोरोना के योद्धा में हम बात कर रहे हैं, आराजीलाइन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. वाईबी सिंह और उनकी टीम की।
सुबह से लेकर शाम तक कोरोना के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग हो या संक्रमित मरीजों के घर जाकर परिजनों की जांच। डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. पीएस यादव, फार्मासिस्ट महेंद्र और राजीव और उनकी टीम पूरे मनोयोग के साथ सेवा में लगी है।
मरीजों की सेवा के साथ सुरक्षा भी जरूरी
डॉ. वाईबी सिंह कहते हैं कि मरीजों की सेवा के साथ ही खुद की और टीम के सभी सदस्यों की सुरक्षा का भी ख्याल रखना भी जरूरी है। इस लिहाज से सभी सदस्यों को रोजाना मास्क, ग्लब्स और सर्जिकल कैप लगाने के प्रति प्रेरित करने के साथ ही उन्हें बाहर काम करने के दौरान खुद की सुरक्षा के साथ ही और डोर टू डोर अभियान में भी लोगों से भी सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।
मन करता है तो बेटी से कर लेते हैं वीडियो कॉलिग
डॉ. वाईबी सिंह कहते हैं कि कोरोना की वजह से ही घर से दूरी बनाई है। स्वास्थ्य केंद्र पर ही रहना ठीक है। अगर बच्ची की याद आती है तो उससे वीडियो कॉलिंग से ही बात कर लेते हैं, अब तो बच्ची भी यही कहती है कि पापा कोरोना को हराकर ही घर आइएगा। बच्चे की इस लाइन से बड़ी ऊर्जा मिलती है। कोरोना को हराने का जो सपना देखा है, उसे पूरा करके घर लौटेंगे।
हॉट स्पॉट इलाके की भी है जिम्मेदारी
चिकित्सा प्रभारी डॉ बॉईबी सिंह बताते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र के तहत जिले का हॉट स्पॉट इलाका गंगापुर आता है, जिसमें सुबह से लेकर शाम तक स्क्रीनिंग और जरूरत पड़ने पर सैंपल और फिर लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की टीम पर है। इसके अलावा दरेखु क्वारंटीन सेंटर सहित स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाले गांवों में लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।