वाराणसी: कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा, कम नहीं हो रही लापरवाही
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कोरोना वायरस का संक्रमण देश के अलग-अलग हिस्सों में एक बार फिर तेजी से फैल रहा है। इसके बावजूद लोग सार्वजनिक स्थान पर न मास्क लगा रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। वाराणसी में शुक्रवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि लोग तो लापरवाही कर ही रहे हैं, पुलिस और प्रशासन के स्तर से भी न निगरानी की जा रही है और न कार्रवाई की जा रही है। इस घोर लापरवाही से कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलेगा और फिर उसका गंभीर परिणाम आम आदमी को ही भुगतना पड़ेगा।
केस 1
इक्का-दुक्का लोगों के चेहरे पर ही दिखा मास्क
कलेक्ट्रेट और पुलिस ऑफिस में जिले के पुलिस और प्रशासन के सभी आला अफसर बैठते हैं। इसके बावजूद दीवानी कचहरी में जाने वाले वादकारियों के साथ ही अधिवक्ता और कर्मचारी भी मास्क और दो गज की दूरी के नियम के प्रति लापरवाही बरतते दिखे। विकास भवन और वीडीए में भी कुछेक लोग ही मास्क पहने दिखे।
बस अड्डे में ऐसा लगा जैसे संक्रमण का खतरा ही नही
कैंट रेलवे स्टेशन और कैंट रोडवेज बस अड्डे में शुक्रवार की दोपहर ऐसा लगा जैसे कि कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रकोप अब खत्म हो गया है। एक स्थान से दूसरे स्थान आने-जाने वाले लोग भी बगैर मास्क के ही दिखे। लोग न खुद से फिक्रमंद दिखे और ना कोई उन्हें टोकते हुए दिखा।
अस्पताल में भी लापरवाही बरत रहे लोग
अस्पतालों में वैसे भी तरह-तरह के संक्रमण का खतरा रहता है। इसके बावजूद बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को उमड़ी भीड़ में दो-तिहाई से ज्यादा लोग बगैर मास्क के ही थे। सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन भी कहीं नहीं दिखा और लोग जहां-तहां पान मसाला खाकर थूकते हुए भी दिखे। इस बीच अस्पताल में मौजूद प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी बगैर मास्क पहने लोगों को रोक-टोक नहीं रहे थे।
हमें अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर खुद सतर्क रहना चाहिए। मास्क पहन कर ही बाहर निकलना चाहिए। इस संबंध में सभी थाना प्रभारियों को कहा गया है कि वह अपने थाने के पुलिसकर्मियों को आगाह करें कि सार्वजनिक स्थान पर यदि कोई बगैर मास्क के दिखे तो उसे वह टोके और समझाएं। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी जागरूक करते रहें। - अमित पाठक, एसएसपी