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Varanasi News: दुर्घटनाग्रस्त ट्रक का क्लेम न देना बीमा कंपनी को पड़ा भारी, 11 लाख और ब्याज देने का आदेश
Sun, 25 Feb 2024 02:19 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 25 Feb 2024 02:19 PM IST
सार
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक का क्लेम न देने पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को 11 लाख और ब्याज देने का फैसला सुनाया। दुर्घटना 29 जून 2023 को हुआ था। कंपनी द्वारा क्लेम न देने पर उपभोक्ता द्वारा फोरम में याचिका दाखिल की गई थी। अब इसमें फैसला आया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Istock
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विस्तार
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक का क्लेम न देने पर उपभोक्ता फोरम ने फैसला सुनाया है। फोरम ने बीमा की धनराशि 11 लाख 50 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। 30 दिन में धनराशि न देने पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से देना पड़ेगा।
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यह है मामला
सुंदरपुर की रहने वाली मीरा सिंह ने अपने ट्रक का इंश्योरेंस दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से कराया था। 29 जून 2023 को सुल्तानपुर जाते वक्त जौनपुर में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वाहन स्वामी ने सूचना इंश्योरेंस कंपनी व पुलिस को दी। इंश्योरेंस कंपनी के सर्वेयर ने निरीक्षण के बाद रिपोर्ट लगाया कि वाहन को खोले बिना आकलन नहीं किया जा सकता है।
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कंपनी ने वाहन का एस्टिमेट बनवाकर भेजने के लिए कहा। वाहन स्वामी ने पुनीत ऑटो मोबाइल्स से एस्टिमेट बनवाकर भेजा। रिपोर्ट में बताया गया कि वाहन की मरम्मत नहीं हो सकती है। यह बदले जाने योग्य है। बीमा कंपनी ने बिना खोले आकलन न होने और ठोस आधार न बताने की बात कहकर क्लेम क्लोज कर दिया।
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मीरा सिंह ने 15 नवंबर 2023 को फोरम में याचिका दाखिल की। याचिका पर सुनवाई के बाद फोरम के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह ने सेवा में कमी और अनुचित व्यवहार बताते हुए बीमा की धनराशि 11 लाख 50 हजार रुपये व पांच हजार रुपये वाद व प्रतिकर देने का आदेश दिया है।