जौनपुर: सिपाही पिता की एक बेटी थी जज, दूसरी बनी एसडीएम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मन से कुछ ठान लें तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सिपाही पिता की दो होनहार बेटियों ने इसे सच कर दिखाया है। पिता के सपने को पूरा करते हुए बेटी जज बनी थी और अब दूसरी का भी चयन एसडीएम पद पर हुआ है। दोनों बेटियों की कामयाबी से पूरा परिवार गदगद है। इलाके के लोग उन पर फख्र कर रहे हैं।
केराकत थाना क्षेत्र के के चकरारेत (नरहन) निवासी जयकिशोर सिंह पीएसी कांस्टेबल पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। शुरू से ही उनकी इच्छा बेटियों को अफसर बनाने की रही। सेवानिवृत्ति के बाद वह इसमें मन से जुट गए।
बेटियों को बराबर प्रोत्साहित करते रहे। उनकी बेटी अंकिता सिंह पिछले वर्ष गत वर्ष न्यायिक सेवा की परीक्षा पास कर जज बन गई। इस समय उनकी तैनाती आजमगढ़ में है। वहीं दूसरी बेटी आकांक्षा सिंह ने पीसीएस-2018 की परीक्षा में 28वीं रैंक हासिल की है। उसका चयन एसडीएम पद पर हुआ है।
दोनों बेटियों की कामयाबी से हर कोई आह्लादित है। मां सावित्री सिंह भारतीय किसान यूनियन (सावित्री ग्रुप) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। आकांक्षा सिंह ने स्नातक की शिक्षा आईटी कॉलेज लखनऊ से की है।
उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और मार्गदर्शन को दिया है। पिता जयकिशोर सिंह का कहना है कि बेटियों ने उनका सीना चौड़ा कर दिया है। खुशनसीब हूं कि ऐसी बेटियां मिलीं। दोनों बेटियों पर नाज है।