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UP: एसीएम की पत्नी के इलाज में लापरवाही का आरोप, महिला डॉक्टर पर FIR, बार-बार एनेस्थीसिया का आरोप; जानें मामला

Thu, 26 Jun 2025 05:27 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 26 Jun 2025 05:27 AM IST
सार

वाराणसी के रहने वाले एसीएम प्रयागराज के डीएम से शिकायत की थी। आरोप था कि उनकी पत्नी को बार-बार एनेस्थीसिया दिया जा रहा था। डीएम ने जांच कमेटी गठित की। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।

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Colonel daughter became disabled due to negligence in treatment case against doctor
डॉक्टर के खिलाफ लिया गया एक्शन। - फोटो : Freepik.com

विस्तार

जनपद में तैनात एसीएम अविनाश सिंह यादव की पत्नी के इलाज में लापरवाही से चलने फिरने में असमर्थ होने के आरोप पर महिला डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल की एनेस्थेटिस्ट डॉ.शुभ्रा घोष ने चिकित्सकीय लापरवाही की। इससे एसीएम की पत्नी चलने-फिरने में असमर्थ हो गईं। कर्नलगंज पुलिस जांच में जुटी है।

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अविनाश मूलरूप से गाजीपुर के रहने वाले हैं और 2021 बैच के पीसीएस अफसर हैं। वह मौजूदा समय में जनपद में एसीएम प्रथम के पद पर तैनात हैं और
एमएलएन मेडिकल कॉलेज कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। उनके श्वसुर नंदलाल यादव वाराणसी के सारनाथ स्थित बुध नगर कॉलोनी के रहने वाले हैं और सेना से लेफ्टिनेंट कर्नल पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
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उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गर्भावस्था के दौरान उनकी बेटी साधना यादव का इलाज कमला नेहरू अस्पताल की डॉ. आई परिहार कर रही थीं। नौ अप्रैल को उसे डिलीवरी के लिए कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, 10 अप्रैल को उसका सी-सेक्शन (ऑपरेशन) किया गया।

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अब होगी कार्रवाई

आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉ. शुभ्रा घोष के बार-बार एनेस्थीसिया देने के कारण बेटी को नर्व इंजरी हो गई। इससे उसका दाहिना पैर प्रभावित हो गया और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गईं। मामले की शिकायत डीएम से की गई, जिनके आदेश पर सीएमओ ने एक जांच समिति गठित की। जांच में डॉ. शुभ्रा घोष को दोषी पाया गया और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई।

शिकायतकर्ता के अनुसार उनकी बेटी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से अत्यधिक परेशान है। नवजात बच्ची की देखभाल भी ठीक से नहीं कर पा रही है। वर्तमान में उन्हें उसे लेकर इलाज के लिए लेकर वाराणसी और लखनऊ के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

23 जून को उन्होंने इस मामले में कर्नलगंज थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। एसीपी कर्नलगंज राजीव कुमार यादव ने बताया कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की जांच की जा रही है।

सीएमओ डॉ. एके तिवारी ने कहा कि डीएम के निर्देश पर जांच टीम का गठन किया गया था। इसमें मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर भी थे। जांच में डॉक्टर दोषी पाई गईं।

आरोप गलत, कोर्ट में लगाई है गुहार
इस मामले में आरोपी डॉ. शुभ्रा घोष से संपर्क नहीं हो पाया। उनकी बेटी उदिता का कहना है कि मां पर लगे आरोप गलत हैं और वह इससे बेहद परेशान हैं। दावा किया कि उन पर की गई कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने कोर्ट में गुहार लगाई है और उन्हें राहत भी मिली है।

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