सीएम योगी हिचकोले खाते हुए पहुंचे थे बनारस, अधिकारियों से बोले- 30 तक खराब सड़कें हो जाएं ठीक
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की तो हकीकत सामने आ गई। एक के बाद एक विभाग की समीक्षा में कामों में देरी और खामियां मिलने से नाराज योगी ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
मऊ में चुनावी जनसभा को संबोधित करने के बाद दृश्यता की समस्या के चलते मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सड़क मार्ग से हिचकोले खाते हुए वाराणसी पहुंचे थे।
सर्किट हाउस में बैठक में शहर की गंदगी, निराश्रित गोवंश घूमने, परियोजनाओं को पूरा करने में लेटलतीफी, टूटी सड़कें आदि पर विशेष जोर रहा। सीएम ने अधिकारियों को 30 अक्तूबर तक हर हाल में सड़कों को बनवा लेने का निर्देश दिया। साथ ही अन्य कार्यों की मानीटरिंग करते रहने को भी कहा।
दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में 4 अरब 36 करोड़ 93 लाख की जिन 13 परियोजनाओं का शिलान्यास किया था, वो सभी पूरी हो गई हैं। इसके अलावा अरबों रुपये की लागत से चल रही 25 प्रमुख परियोजनाओं का काम भी तेज हो रहा है और इसी वित्तीय वर्ष में वो भी पूरा हो जाएगा।
बैठक में उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को शहर की सड़कों के 30 अक्तूबर और ग्रामीण इलाकों की सड़कों को 15 नवंबर तक बनवा लेने का निर्देश दिया। स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि दीपावली से पहले तक विशेष सफाई अभियान चलाकर जिले को कूड़ा रहित जिला बनाना होगा। बैठक में उन्होंने आईपीडीएस के काम में गुणवत्ता लाने, शाही नाला, रमना एसटीपी सहित अन्य परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते रहने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
इस दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विकास और निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में प्रदेश के पर्यटन मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी, स्टांप राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, अशोक धवन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।