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काशी में सीएम योगी ने कहा, गांवों के चौकीदार अब कहलाएंगे ग्राम प्रहरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 06 Jan 2018 02:29 PM IST
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ग्राम चौकीदारों को सम्मानित करते मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ
- फोटो : अमर उजाला
सूबे के गांवों के चौकीदार अब ग्राम प्रहरी कहलाएंगे। काशी प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात पुलिस लाइन में आयोजित ग्राम चौकीदार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में कहीं।
उन्होंने कहा कि हमें समय के साथ नामकरण भी करना चाहिए इसलिए अब इन्हें ग्राम प्रहरी कहना सही होगा। यदि ग्राम प्रहरी की सूचनाओं को गंभीरता से लेकर थानेदार अपने अधिकारियों को समय से सूचित करते हुए सही कार्रवाई करें तो प्रदेश के गांवों में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना था कि संभवत: यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री किसी जिले के भ्रमण के दौरान वहां के ग्राम प्रहरियों को संबोधित और सम्मानित किए होंगे। 451 ग्राम प्रहरियों से मुख्यमंत्री ने कहा कि आप पुलिस महकमे की नींव के पत्थर हैं।
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आप दिखाई तो नहीं देते लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे भाइयों के बीच आकर मैं अभिभूत हूं और अभिनंदन करता हूं। ग्राम प्रहरी न केवल जमीनी हकीकत बताते हैं बल्कि छोटी-छोटी घटनाओं की सही जानकारी अधिकारियों को देते हैं।
प्रदेश में 60 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं और इनसे ज्यादा ग्राम प्रहरी हैं। इनके साथ नियमित संवाद बहुत जरूरी है ताकि अराजकतत्वों और राष्ट्र विरोधी शक्तियों की गतिविधियों की जानकारी समय रहते पुलिस को मिल जाए।
नियमित संवाद होगा तो सूचनाएं समय से मिलेंगी और प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण है और प्रत्येक जिले में ग्राम प्रहरियों के सम्मान और संवाद के कार्यक्रम नियमित आयोजित हों।
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उन्होंने कहा कि हमें समय के साथ नामकरण भी करना चाहिए इसलिए अब इन्हें ग्राम प्रहरी कहना सही होगा। यदि ग्राम प्रहरी की सूचनाओं को गंभीरता से लेकर थानेदार अपने अधिकारियों को समय से सूचित करते हुए सही कार्रवाई करें तो प्रदेश के गांवों में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
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वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना था कि संभवत: यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री किसी जिले के भ्रमण के दौरान वहां के ग्राम प्रहरियों को संबोधित और सम्मानित किए होंगे। 451 ग्राम प्रहरियों से मुख्यमंत्री ने कहा कि आप पुलिस महकमे की नींव के पत्थर हैं।
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आप दिखाई तो नहीं देते लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे भाइयों के बीच आकर मैं अभिभूत हूं और अभिनंदन करता हूं। ग्राम प्रहरी न केवल जमीनी हकीकत बताते हैं बल्कि छोटी-छोटी घटनाओं की सही जानकारी अधिकारियों को देते हैं।
प्रदेश में 60 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं और इनसे ज्यादा ग्राम प्रहरी हैं। इनके साथ नियमित संवाद बहुत जरूरी है ताकि अराजकतत्वों और राष्ट्र विरोधी शक्तियों की गतिविधियों की जानकारी समय रहते पुलिस को मिल जाए।
नियमित संवाद होगा तो सूचनाएं समय से मिलेंगी और प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण है और प्रत्येक जिले में ग्राम प्रहरियों के सम्मान और संवाद के कार्यक्रम नियमित आयोजित हों।
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पहली बार इतना सम्मान मिला कि आंख भर आई
सम्मान समरोह में उपस्थित ग्राम चौकीदार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री ने 10 ग्राम प्रहरियों को किट देकर सम्मानित किया। प्रत्येक किट में परिचय पत्र, टार्च, कंबल, ऊनी मोजे, ग्राम दिग्दर्शिका, ग्राम विवाद पुस्तिका, पेन, जन्म-मृत्यु रजिस्टर, साइकिल मेंटेनेंस के लिए छह सौ रुपये था। शेष अन्य 441 को कार्यक्रम के बाद किट वितरित की गई।
इसके अतिरिक्त सभी को सीटी, साफा, जैकेट, धोती-कुर्ता, जूता और साइकिल दिया गया है। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुए ग्राम प्रहरी गदगद थे। सभी का कहना था कि जीवन में पहली बार इतना सम्मान मिला। मानदेय भी 1500 रुपये से बढ़ जाता तो सहूलियत हो जाती।
बड़ागांव थाना के बसनी खरका गांव निवासी राजकुमार यादव ने कहा कि अब राजा के सामने हम खड़े होकर क्या मांगते। इतना सम्मान मिला कि आंख भर आई। थोड़ा मानदेय भी बढ़ जाता तो बहुत अच्छा होता। राजा सम्मान दिए हैं हो सकता है इसी तरह आगे भी सुधि लें।
फूलपुर थाना के मछली गांव रोह के रामदेव ने कहा कि हम अब और उत्साह के साथ पुलिस-प्रशासन की मदद करेंगे। मुख्यमंत्री जी हमारा मेहनताना थोड़ा और बढ़ा दें तो मेहरबानी होगी।
चौबेपुर थाना के सोनही बरथरा खुर्द के राजेश ने कहा कि पहली बार ऐसा सम्मान मिला और स्वास्थ्य की जांच हुई। यह सब बहुत अच्छा लगा लेकिन मानदेय भी बढ़ना चाहिए।
मिर्जामुराद थाना के अमिनी टिकरा गांव निवासी भगेलू ने कहा कि अपने काम पर हमें गर्व है और मुख्यमंत्री से मिल कर सीना चौड़ा हुआ। समय के साथ मानदेय भी बढ़ना चाहिए।
इसके अतिरिक्त सभी को सीटी, साफा, जैकेट, धोती-कुर्ता, जूता और साइकिल दिया गया है। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुए ग्राम प्रहरी गदगद थे। सभी का कहना था कि जीवन में पहली बार इतना सम्मान मिला। मानदेय भी 1500 रुपये से बढ़ जाता तो सहूलियत हो जाती।
बड़ागांव थाना के बसनी खरका गांव निवासी राजकुमार यादव ने कहा कि अब राजा के सामने हम खड़े होकर क्या मांगते। इतना सम्मान मिला कि आंख भर आई। थोड़ा मानदेय भी बढ़ जाता तो बहुत अच्छा होता। राजा सम्मान दिए हैं हो सकता है इसी तरह आगे भी सुधि लें।
फूलपुर थाना के मछली गांव रोह के रामदेव ने कहा कि हम अब और उत्साह के साथ पुलिस-प्रशासन की मदद करेंगे। मुख्यमंत्री जी हमारा मेहनताना थोड़ा और बढ़ा दें तो मेहरबानी होगी।
चौबेपुर थाना के सोनही बरथरा खुर्द के राजेश ने कहा कि पहली बार ऐसा सम्मान मिला और स्वास्थ्य की जांच हुई। यह सब बहुत अच्छा लगा लेकिन मानदेय भी बढ़ना चाहिए।
मिर्जामुराद थाना के अमिनी टिकरा गांव निवासी भगेलू ने कहा कि अपने काम पर हमें गर्व है और मुख्यमंत्री से मिल कर सीना चौड़ा हुआ। समय के साथ मानदेय भी बढ़ना चाहिए।