आजमगढ़। एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम ने शुक्रवार को शहर के रैदोपुर स्थित एक होटल में सेवानिवृत्त कर्मी से घूस ले रहे गन्ना विकास विभाग के लिपिक को रंगे हाथ पकड़ लिया। शहर कोतवाली में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। लिपिक सेवानिवृत्त कर्मी से पेंशन, ग्रेच्युटी आदि के भुगतान के लिए पचास हजार रुपये मांग रहा था।
गन्ना विकास विभाग में गन्ना विकास निरीक्षक रहे विजय प्रताप सिंह निवासी सरैया रतनावें दिसंबर 2016 में सेवानिवृत्त हो गए। दो साल बाद भी उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान नहीं हुआ। उनकी फाइल रोकने वाला सहायक लिपिक रामेश्वर चंद भुगतान कराने के लिए उनसे 50 हजार रुपये मांग रहा था। धन के अभाव में विजय प्रताप को दिसंबर 2018 में पुत्री की शादी तक कैंसिल करनी पड़ गई। परेशान विजय प्रताप ने 20 सितंबर को इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम गोरखपुर से की। टीम शुक्रवार को जिले में पहुंची और लिपिक को रुपये देने के लिए रैदोपुर तिराहा स्थित एक होटल में बुलाया गया। एंटी करप्शन टीम के दिए केमिकल लगे नोट विजय प्रकाश ने रामेश्वर चंद को दिया। उसने ने जैसे ही रुपये लिए वैसे ही टीम ने उसे दबोच लिया। उसका हाथ धुलवाया गया तो उसका रंग लाल हो गया। इसके बाद टीम उसे लेकर शहर कोतवाली गई जहां उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराने के साथ ही उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। एंटी करप्शन टीम में प्रभारी निरीक्षक अशोक कुुमार सिंह, रामधारी मिश्र, चंद्रेश यादव, प्रवीण कुमार सान्याल, चंद्रभान मिश्र, शैलेंद्र राय, शैलेंद्र सिंह व पुनीत सिंह शामिल रहे।