नागरिकता संशोधन कानूनः पुलिस ने बेनियाबाग में एनआरसी व सीएए के बारे में बांटे पंफलेट, किया जागरूक
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नागरिकता संशोधन कानून पर उपजे विवाद को लेकर बीते तीन दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजनीतिक दलों के सदस्यों के साथ अन्य लोगों के खूब विरोधी स्वर गूंजे। एक प्रदर्शन के दौरान मची भगदड़ में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी।
इन सबके बीच प्रशासन ने बेहद सूझबूझ से काम लिया और कानून की सख्ती के बीच जनसहयोग से आक्रोश को समय रहते थाम लिया। इसी क्रम में नागरिकता संशोधन काननू (सीएए) को लेकर शहर में तरह-तरह की अफवाहों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए प्रशासन की ओर से पंफलेट भी वितरित किए जा रहे हैं।
इस बेहद नेक शुरुआत को आगे बढ़ाते हुए रविवार को क्षेत्राधिकारी दशाश्वमेध प्रीति त्रिपाठी, चौक इंस्पेक्टर आशुतोष द्वारा बेनियाबाग इलाके में एनआरसी और सीएए की सही जानकारी पर बेहद दलिचस्पी दिखाते हुए घंटों लोगों में पंफलेट बांटे। इस दौरान बेहद आत्मीयता से लोगों को पंफलेट पर लिखी जानकारी पढ़कर समझाया।
दरअसल, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर शहर में तरह-तरह की अफवाहों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए प्रशासन ने एक नया फैसला लिया है। इन पर्चों पर सीएए और एनआरसी के बारे में विस्तार से बताया गया है। ये पर्चे शहर के सभी पुलिस स्टेशन में पहुंचाए गए हैं, जहां से आम लोगों को पर्चे बांटे जा रहे हैं।
पर्चों में बताया गया है कि सीएए और एनआरसी को लेकर कौन-कौन सी अफवाहें हैं। साथ ही नागरिकता काननू के बारे में विस्तार से बताया गया है। सीएए को लेकर पहली अफवाह उड़ रही है कि इसके द्वारा भारतीय मुस्लिमों की नागरिकता छीन ली जाएगी।
जबकि सच्चाई ये है कि इस एक्ट का भारतीय नागरिक से कोई संबंध नहीं है। नागरिकता काननू द्वारा पड़ोसी देशों(पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान) में धार्मिक आधार पर किया गया, जिसकी वजह से वो अपना देश छोड़कर शरणार्थी बनकर आ गए। ऐसे लोगों को भारती की नागरिकता देने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
इस संशोधन के अलावा पूरी दुनियां के सबी लोग अगर 11 साल से ज्यादा भारत में वैध कागजात जैसे, वीजा के माध्यम से रह रहे हैं। वो यहां के नागरिक बनने के पात्र होंगे। यह कानून अभी भी मौजूद है। और कई देशों के मुस्लिम भाई-बहन इस काननू के अंतर्गत भारत के नागरिक बन सकते हैं।